नारी डेस्क: रियलिटी शो 'लॉकअप 2' जैसे-जैसे अपने फिनाले की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कंटेस्टेंट्स से जुड़े खुलासे भी चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। हाल ही में अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने शो के दौरान अपने परिवार के संघर्ष और आर्थिक तंगी से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था, जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी और खाने तक के लिए उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। हालांकि, शिवांगी के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके पुराने इंटरव्यू सामने लाकर दावा किया कि उनकी बातें पहले दिए गए बयानों से मेल नहीं खातीं। इसके बाद उन्हें "सिम्पथी कार्ड" खेलने और झूठी कहानी गढ़ने जैसे आरोपों का सामना करना पड़ा।
शिवांगी ने सुनाई थी परिवार के संघर्ष की कहानी
शो में अपने सीक्रेट का खुलासा करते हुए शिवांगी ने बताया कि उनके पिता के बिजनेस में भारी नुकसान होने के बाद पूरे परिवार पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा था। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हो गए थे कि घर में खाने तक के पैसे नहीं बचते थे और कई बार पड़ोसियों की मदद से ब्रेड और बटर खाकर गुजारा करना पड़ता था। शिवांगी ने यह भी बताया कि उस दौर में उनके माता-पिता ने परिवार चलाने के लिए हर संभव मेहनत की। कपड़े सिलने से लेकर बर्तन धोने तक, उन्होंने कोई काम छोटा नहीं समझा ताकि परिवार की जरूरतें पूरी हो सकें।
पुराने इंटरव्यू सामने आने के बाद शुरू हुई ट्रोलिंग
शिवांगी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके पुराने इंटरव्यू शेयर करने शुरू कर दिए। यूजर्स का कहना था कि पहले उन्होंने बताया था कि उनके पिता आर्मी में थे और परिवार देहरादून के एक बड़े बंगले में रहता था। इसी आधार पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि अगर उनका परिवार इतना संपन्न था तो फिर आर्थिक तंगी और ब्रेड-बटर वाली कहानी कैसे सच हो सकती है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यहां तक आरोप लगा दिया कि फिनाले से पहले सहानुभूति हासिल करने के लिए शिवांगी ने यह कहानी सुनाई है।
बहन शीतल जोशी ने ट्रोल्स को दिया करारा जवाब
लगातार हो रही ट्रोलिंग के बीच शिवांगी की बहन शीतल जोशी उनके समर्थन में खुलकर सामने आईं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि लोगों ने शिवांगी की बात का गलत मतलब निकाल लिया है। शीतल ने साफ किया कि शिवांगी ने कभी यह नहीं कहा कि उनका परिवार हमेशा से गरीब था। उन्होंने केवल उस दौर का जिक्र किया था जब उनके पिता के बिजनेस में भारी नुकसान हुआ और अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। उन्होंने कहा कि किसी परिवार की जिंदगी में कुछ साल बेहद कठिन हो सकते हैं और उसी दौर की बात शिवांगी ने शो में साझा की थी।
बड़े बंगले को लेकर भी दी सफाई
सोशल मीडिया पर बड़े घर और बंगले को लेकर उठ रहे सवालों पर भी शीतल ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि जिस घर की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, वह उनके दादाजी द्वारा साल 1980 में बनवाया गया था, न कि उनके पिता ने। शीतल ने कहा कि किसी के पास घर होना इस बात की गारंटी नहीं है कि उसके पास हर समय पैसे भी होंगे। उन्होंने बताया कि मुश्किल वक्त में उनके परिवार के पास रहने के लिए छत तो थी, लेकिन रोजमर्रा का खर्च चलाना भी बेहद कठिन हो गया था। राशन खरीदने तक के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब शिवांगी ने शो में अपने जीवन का यह अध्याय साझा किया, तो पूरा परिवार उस पल को देखकर भावुक हो गया था।
पिता के प्रोफेशन को लेकर भी सामने आई सफाई
आर्मी और बिजनेस से जुड़े विवाद पर शिवांगी की आधिकारिक टीम ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। टीम ने स्पष्ट किया कि दोनों बातें सही हैं। उनके पिता पहले भारतीय सेना में थे और रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया था। बाद में बिजनेस में नुकसान होने के कारण परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। टीम का कहना है कि लोगों ने अधूरी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकाल लिए, जबकि शिवांगी ने शो में सिर्फ अपने जीवन के कठिन दौर का जिक्र किया था।
फैंस से की सोच-समझकर प्रतिक्रिया देने की अपील
शीतल जोशी ने अंत में लोगों से अपील की कि किसी भी व्यक्ति को बिना पूरी सच्चाई जाने झूठा कहना या उसके संघर्ष पर सवाल उठाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हर परिवार की जिंदगी में अच्छे और बुरे दोनों दौर आते हैं और किसी के मुश्किल समय को सिर्फ इसलिए झूठ नहीं कहा जा सकता क्योंकि उसने पहले जिंदगी के किसी दूसरे पहलू का जिक्र किया हो।
इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर बहस लगातार जारी है। जहां एक ओर कुछ लोग शिवांगी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ यूजर्स अब भी उनके बयान पर सवाल उठा रहे हैं।