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बॉक्सिंग में भारत की बेटियों का जलवा, जैस्मिन लेम्बोरिया और प्रीति पवार ने जीते गोल्ड

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 01 Aug, 2026 04:45 PM
बॉक्सिंग में भारत की बेटियों का जलवा, जैस्मिन लेम्बोरिया और प्रीति पवार ने जीते गोल्ड

नारी डेस्क:  कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 1 अगस्त का दिन भारतीय खेलों के लिए बेहद यादगार साबित हुआ। भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दो स्वर्ण पदक दिलाए। महिलाओं की 57 किलोग्राम और 54 किलोग्राम वर्ग में भारत ने गोल्ड जीतकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। इन दोनों जीत के साथ भारत के खाते में अब तक कुल 7 स्वर्ण पदक दर्ज हो चुके हैं।

जैस्मिन लेम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग में रचा इतिहास

महिलाओं की 57 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की स्टार बॉक्सर जैस्मिन लेम्बोरिया ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में जैस्मिन ने संयम के साथ खेलते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा और निर्णायक जीत हासिल कर भारत को एक और गोल्ड मेडल दिलाया। जैस्मिन की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय महिला मुक्केबाजी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।

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प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम वर्ग में दिलाया बॉक्सिंग का पहला गोल्ड

भारत की युवा मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिलाओं की 54 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में कनाडा की मजबूत खिलाड़ी स्कारलेट सवाना डेलगाडो का सामना किया। मुकाबले की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन प्रीति ने पहले दो राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बना ली।

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तीसरे और अंतिम राउंड में कनाडाई बॉक्सर ने जोरदार वापसी की कोशिश की, लेकिन प्रीति ने धैर्य और समझदारी से मुकाबले को नियंत्रित रखा। उन्होंने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग का पहला गोल्ड मेडल भी दिलाया।

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने बढ़ाया देश का गौरव

जैस्मिन लेम्बोरिया और प्रीति पवार की इस शानदार सफलता ने भारतीय दल का मनोबल बढ़ा दिया है। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया और फाइनल में अपने अनुभव, आत्मविश्वास तथा बेहतरीन रणनीति का परिचय दिया। उनकी जीत भारतीय महिला मुक्केबाजी के बढ़ते स्तर और भविष्य की संभावनाओं का भी संकेत मानी जा रही है।

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भारत के खाते में अब तक 7 स्वर्ण पदक

1 अगस्त को मिले इन दो स्वर्ण पदकों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का स्वर्ण पदकों का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है। भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाले मुकाबलों में भी देश को पदकों की उम्मीद बनी हुई है। ऐसे में भारतीय दल से आगे भी कई और पदकों की आस लगाई जा रही है।

 

 
 

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