
नारी डेस्क: टीवी शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में रोशेश का किरदार निभाकर मशहूर हुए एक्टर राजेश कुमार ने अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया। कुछ साल पहले उन्होंने एक्टिंग छोड़कर बिहार में खेती शुरू करने का फैसला लिया। उन्होंने शहर की आरामदायक जिंदगी छोड़कर अपने गांव में जैविक खेती करने की कोशिश की और एक एग्रीकल्चर ऐप भी लॉन्च किया।
करोड़ों का कर्ज और मुश्किलें
खेती के शुरुआती दौर में राजेश कुमार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि उन पर करीब 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया था। फसलें खराब होने, बाढ़ और लगातार नुकसान के कारण हालात और बिगड़ गए। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें अपने बच्चे के स्कूल के बाहर सब्जी का ठेला लगाकर गुज़ारा करना पड़ा।

बाढ़ ने बिगाड़ा पूरा काम
राजेश ने बताया कि 2019 में उन्होंने पालघर में करीब 20 एकड़ जमीन पर खेती शुरू की थी, लेकिन अचानक आई बाढ़ ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उस बाढ़ में 15,000 से ज्यादा पौधे नष्ट हो गए, जिससे उनका पूरा प्रोजेक्ट बड़े नुकसान में चला गया। आर्थिक संकट इतना बढ़ गया था कि उनके बैंक खाते में कभी-कभी सिर्फ 2,500 रुपये ही बचे होते थे। कई बार क्रेडिट कार्ड की किश्तें भी बाउंस हो गईं और एजेंट तक घर आने लगे। इस कठिन समय में भी उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे फिर से अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश की।
अब फिर से खेती और नया प्लान
हालांकि अब राजेश कुमार ने बताया है कि वह इस आर्थिक संकट से काफी हद तक बाहर आ चुके हैं और केवल 10–15% कर्ज ही बाकी है। वे फिर से खेती के काम में सक्रिय हैं और जल्द ही एक नया प्रोजेक्ट लाने की तैयारी कर रहे हैं, जो खेती से जुड़ा लेकिन थोड़ा अलग होगा।

अमेरिका और फिनलैंड से आईं बहनें
राजेश कुमार ने एक और खास बात साझा की कि उनकी दोनों बहनें, जो पिछले 25 सालों से अमेरिका और फिनलैंड में रह रही थीं, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी है और अब भारत लौटकर उनके साथ खेती में जुड़ गई हैं। बड़ी बहन ने जन्मदिन के मौके पर नौकरी छोड़कर भारत आने का फैसला लिया और छोटी बहन भी जल्द उनके साथ जुड़ने वाली हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांव में अभी भी इंटरनेट की सुविधा बहुत कमजोर है और लोग 2G नेटवर्क पर ही निर्भर हैं। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन 5G आने में अभी समय लग सकता है।
संघर्ष से सफलता की ओर
राजेश कुमार का यह सफर बताता है कि जिंदगी में असफलताएं आने के बावजूद अगर हिम्मत बनी रहे तो फिर से शुरुआत की जा सकती है। एक्टिंग से लेकर खेती तक उनका यह सफर संघर्ष, मेहनत और परिवार के समर्थन की एक प्रेरणादायक कहानी है।