नारी डेस्क : गर्मी और बरसात का मौसम आते ही मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। ये न सिर्फ रात की नींद खराब करते हैं, बल्कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देते हैं। मच्छरों से बचने के लिए लोग कॉइल, अगरबत्ती, लिक्विड वेपराइज़र और स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनके धुएं और केमिकल्स का लंबे समय तक संपर्क कुछ लोगों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाना भी फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसे तीन पौधों के बारे में, जिनकी खुशबू मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है।
तुलसी का पौधा
तुलसी को आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसकी तेज सुगंध मच्छरों को दूर रखने में सहायक हो सकती है।
फायदे: तुलसी की खुशबू मच्छरों को आसपास आने से रोकने में मदद करती है।
इसे मुख्य दरवाजे, बालकनी या खिड़की के पास रखा जा सकता है।
घर का वातावरण भी ताजगी भरा और सकारात्मक बना रहता है।
इसकी पत्तियां कई घरेलू उपयोगों में भी काम आती हैं।

पुदीने का पौधा
पुदीना सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से मच्छरों को दूर रखने के लिए भी जाना जाता है।
फायदे: इसकी तेज महक मच्छरों को पसंद नहीं आती।
इसे बालकनी, खिड़की या रसोई के पास आसानी से उगाया जा सकता है।
चाहें तो पुदीने की पत्तियों का पेस्ट बनाकर खिड़की के पास भी रख सकते हैं।
घर में ताजा पुदीना हमेशा उपलब्ध रहता है।
गेंदे का पौधा
गेंदे के फूल सिर्फ सजावट और पूजा के लिए ही नहीं, बल्कि कीड़ों और मच्छरों को दूर रखने में भी उपयोगी माने जाते हैं।
फायदे: इसकी महक मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है।
इसे मुख्य गेट, बगीचे, बालकनी या खिड़की के पास लगाया जा सकता है।
कम देखभाल और कम पानी में भी आसानी से उग जाता है।
कई अन्य छोटे कीड़ों को भी दूर रखने में मददगार माना जाता है।

मच्छरों से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमलों और टंकियों का पानी नियमित रूप से बदलें।
शाम के समय खिड़की-दरवाजों पर जाली का इस्तेमाल करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें, खासकर बच्चों को।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
इन बातों का ध्यान रखें: हालांकि तुलसी, पुदीना और गेंदे जैसे पौधे मच्छरों को दूर रखने में कुछ हद तक मदद कर सकते हैं, लेकिन ये डेंगू या मलेरिया से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं हैं। यदि आपके इलाके में मच्छरों का प्रकोप ज्यादा है, तो मच्छरदानी, साफ-सफाई और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुझाए गए बचाव उपायों का पालन करना भी जरूरी है।