नारी डेस्क: सोशल मीडिया की दुनिया से निकलकर बड़े पर्दे तक पहुंचने वाली कंटेंट क्रिएटर धरना दुर्गा इन दिनों खूब चर्चा में हैं। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म 'मां बहन' में उनके अभिनय को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और अभिनेत्री तृप्ति डिमरी भी नजर आ रही हैं। यह धरना की पहली फिल्म है, लेकिन उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींच लिया है।
फिल्म में मिली खूब तारीफ
डार्क कॉमेडी जॉनर की इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म में धरना दुर्गा के किरदार को भी काफी पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके फैंस लगातार उन्हें बधाइयां दे रहे हैं और बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर करने पर खुशी जता रहे हैं। आज के दौर में कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स फिल्मों और वेब सीरीज में अपनी जगह बना रहे हैं, लेकिन धरना की सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी छिपी हुई है।

रील्स से बनाई अलग पहचान
धरना दुर्गा सोशल मीडिया पर अपनी मजेदार और रिलेटेबल वीडियोज के लिए जानी जाती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 18 लाख फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर आंटी, मम्मी, बुआ और परिवार के अन्य किरदारों को निभाकर लोगों को हंसाती रही हैं। उनकी वीडियोज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोग उनमें खुद को और अपने परिवार को आसानी से देख पाते हैं। यही वजह है कि उनके कंटेंट को लाखों लोग पसंद करते हैं।
दिल्ली से शुरू हुआ अभिनय का सफर
धरना मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। अभिनय के प्रति उनका झुकाव उस समय बढ़ा जब उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में ड्रामा थिएटर जॉइन किया। थिएटर के दिनों में ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कॉमेडी वीडियोज बनाना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उनके वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और उन्हें पहचान मिलने लगी। लेकिन इसी दौरान उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने सब कुछ बदल दिया।
कोविड में पिता को खोने का दर्द
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान धरना के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्होंने अपने पिता को खो दिया। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक उनके कंधों पर आ गईं। घर की आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए धरना ने अपनी मां के साथ मिलकर बिजनेस की जिम्मेदारी उठाई। उस मुश्किल दौर में परिवार को संभालना उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया।

दुख के बीच भी नहीं छोड़ा अपना सपना
पिता को खोने के बाद मानसिक रूप से खुद को संभालना आसान नहीं था। धरना ने कई बार स्वीकार किया कि उस दौर में कॉमेडी कंटेंट बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था। लोगों को हंसाने के लिए जिस सकारात्मक ऊर्जा की जरूरत होती है, वह उनके भीतर नहीं बची थी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने कंटेंट क्रिएशन जारी रखा और धीरे-धीरे खुद को फिर से संभालना शुरू किया।
मेहनत ने बदली किस्मत
समय के साथ धरना ने अपने काम और सोशल मीडिया के बीच संतुलन बनाना सीख लिया। उन्होंने नियमित रूप से वीडियो पोस्ट करना शुरू किया और उनके कंटेंट की पहुंच लगातार बढ़ती गई। लॉकडाउन के दौरान बनाए गए उनके कई वीडियो वायरल हुए और देखते ही देखते वह सोशल मीडिया की लोकप्रिय क्रिएटर्स में शामिल हो गईं।
सोशल मीडिया स्टार से फिल्मी दुनिया तक
धरना की लोकप्रियता सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रही। उनके वीडियो बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के कई सितारों तक भी पहुंचे। उनकी सहज कॉमिक टाइमिंग और अभिनय क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। आज धरना दुर्गा सोशल मीडिया की एक बड़ी स्टार बन चुकी हैं। उनके ज्यादातर वीडियो लाखों व्यूज हासिल करते हैं। वहीं अब फिल्म 'मां बहन' के जरिए उन्होंने अभिनय की दुनिया में भी मजबूत कदम रख दिया है। धरना दुर्गा की कहानी सिर्फ सोशल मीडिया स्टार बनने की नहीं है, बल्कि यह मुश्किल हालात में भी अपने सपनों को जिंदा रखने की कहानी है। पिता को खोने का दर्द, परिवार की जिम्मेदारियां और जीवन की चुनौतियों के बीच उन्होंने जिस तरह खुद को संभाला और आगे बढ़ाया, वह कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।

आज वह इस बात का उदाहरण हैं कि अगर हौसला और मेहनत साथ हो तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी सफलता की नई राह बनाई जा सकती है।