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एक झूठ के कारण भगवान शिव से दूर हुआ ये फूल, इसे शिवलिंग पर चढ़ाने की है सख्त मनाही

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 17 Jul, 2025 10:37 AM
एक झूठ के कारण भगवान शिव से दूर हुआ ये फूल, इसे शिवलिंग पर चढ़ाने की है सख्त मनाही

नारी डेस्क: सावन माह चल रहा है, ऐसे में भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के फूल और फल अर्पित करते हैं। लेकिन एक फूल ऐसा है, जिसको भगवान शिव को अर्पित नहीं किया जाता, यह गलती करने वालों को भगवान शिव के क्रोध का सामना करना पड सकता है। चलिए जानते हैं इस फूल के बारे में और क्यों इसे भोलेनाथ से रखा जाता है दूर। 

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केतकी के फूल को नहीं चढ़ाया जाता शिवलिंग पर


एक बार की बात है  भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु में इस बात को लेकर बहस हो गई कि उनमें से श्रेष्ठ कौन है। उसी समय भगवान शिव एक अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए और कहा कि जो इस स्तंभ का अंत या शुरुआत खोज ले, वही श्रेष्ठ होगा। भगवान विष्णु पाताल की ओर इस स्तंभ का मूल खोजने निकले। और ब्रह्मा जी ऊपर की ओर इसके सिर का अंत खोजने निकल पड़े।

 

झूठ से क्रोधित हुए भगवान शिव 

जब ब्रह्मा जी को ज्योतिर्लिंग का अंत नहीं मिला, तो उन्होंने केतकी के फूल से झूठ बोलने को कहा कि उन्होंने अंत पा लिया है। केतकी के फूल ने ब्रह्मा जी का साथ दिया और झूठ बोला। जब भगवान शिव को यह बात पता चली, तो वे क्रोधित हो गए और उन्होंने केतकी के फूल को श्राप दिया कि वह उनकी पूजा में कभी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा
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भगवान शिव का क्रोध और श्राप

भगवान शिव तो सत्यस्वरूप* हैं। वे जानते थे कि ब्रह्मा जी झूठ बोल रहे हैं। इस कारण उन्होंने ब्रह्मा जी का पाचवां सिर काट दिया (जो झूठ बोलने के लिए जिम्मेदार था) और केतकी के फूल को श्राप दे दिया कि अब से तुम कभी भी मेरी पूजा में उपयोग नहीं किए जाओगे।आज भी शिव पूजा में केतकी के फूल का प्रयोग वर्जित है। यह कथा हमें यह सिखाती है कि भगवान शिव को सत्य प्रिय है। झूठ और धोखा उन्हें कभी स्वीकार नहीं और प्रकृति भी जब झूठ का साथ देती है, तो उसे दंड मिलता है।

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