नारी डेस्क: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मखीजा, जिन्हें लोग 'द रेबेल किड' के नाम से भी जानते हैं, इन दिनों नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' (Lock Upp 2) में नजर आ रही हैं। शो में उनकी एंट्री ने दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी थी, क्योंकि यहां उनका सामना उनके पुराने दोस्त और कंटेंट क्रिएटर सूफी मोतीवाला से हुआ। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से रिश्ते अच्छे नहीं रहे थे, लेकिन शो के दौरान अपूर्वा ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा भावुक खुलासा किया जिसने सभी को चौंका दिया।
'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के बाद टूट गई थीं अपूर्वा
शो के दौरान बातचीत में अपूर्वा ने बताया कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के बाद वह मानसिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय वह पूरी तरह टूट चुकी थीं और उन्हें संभालना आसान नहीं था। अपूर्वा ने कहा कि उस मुश्किल वक्त में बहुत कम लोग उनके साथ खड़े रहे और उन्हीं में से एक सूफी मोतीवाला थे।
"अगर सूफी साथ नहीं होता, तो शायद मैं अपनी जान दे देती"
अपूर्वा ने भावुक होते हुए सूफी से कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत मिस किया। उन्होंने बताया कि जब भी कोई उनसे सूफी के बारे में गलत बातें करता था, तब भी वह हमेशा उनकी अच्छाइयों का जिक्र करती थीं। उन्होंने कहा, "अगर उस वक्त सूफी मेरे साथ नहीं होता, तो शायद मैं अपनी जान दे देती।" अपूर्वा के इस बयान ने शो में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि उस दौर में सूफी का साथ उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं था।
सूफी ने भी जताई दिल की बात
अपूर्वा की बात सुनकर सूफी मोतीवाला भी भावुक हो गए। उन्होंने अपूर्वा से कहा कि उन्हें इस तरह की बातें नहीं कहनी चाहिए। सूफी ने बताया कि अपूर्वा के साथ उनकी दोस्ती उनकी जिंदगी के सबसे खूबसूरत दौरों में से एक थी। उन्होंने कहा कि जब वह मुंबई आए थे, तब पहली बार उन्हें लगा था कि उनका अपना कोई करीबी दोस्त और मजबूत सोशल सर्कल है। दोस्ती खत्म होने के बाद उन्होंने भी अपूर्वा को काफी मिस किया।
"तुमने मेरी जान बचाई"
अपूर्वा ने आगे कहा कि उस कठिन समय में सूफी ही एकमात्र ऐसे दोस्त थे, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी शर्त के उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, "मैं उस दौर से अकेले कभी बाहर नहीं निकल पाती। तुमने मेरी जान बचाई। अगर तुम मेरे साथ नहीं होते, तो मैं 'लेटेंट' विवाद से उबर ही नहीं पाती।" उनकी यह बात साफ दिखाती है कि उस समय वह मानसिक रूप से कितनी मुश्किल स्थिति में थीं और उन्हें एक सच्चे दोस्त के सहारे की कितनी जरूरत थी।
पहले साथ काम किया, फिर रिश्तों में आई दरार
अपूर्वा मखीजा और सूफी मोतीवाला इससे पहले करण जौहर के शो 'द ट्रेटर्स' में साथ नजर आए थे। शो के दौरान दोनों की दोस्ती काफी अच्छी थी, लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। इसके बाद सूफी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए कहा था कि उन्होंने कभी अपूर्वा का इस्तेमाल लोकप्रियता हासिल करने के लिए नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा था कि दोस्ती खत्म करने का फैसला उन्होंने अपने साथ हुए व्यवहार की वजह से लिया था।
'लॉक अप 2' में फिर आमने-सामने आए दोनों
अब 'लॉक अप: सच या सजा' के मंच पर दोनों एक बार फिर आमने-सामने आए हैं। हालांकि उनके बीच पुराने मतभेद रहे हैं, लेकिन शो में हुई इस भावुक बातचीत ने यह दिखाया कि मुश्किल समय में निभाई गई दोस्ती की अहमियत किसी भी विवाद से बड़ी हो सकती है। अपूर्वा के खुलासे के बाद दर्शकों को दोनों के रिश्ते का एक अलग और भावनात्मक पहलू देखने को मिला।