05 SEPSATURDAY2026 6:04:35 PM
Nari

मनीषा कोइराला के साथ हुआ था ऐसा बर्ताव, PM तक पहुंच गई थी शिकायत

  • Edited By Monika,
  • Updated: 05 Sep, 2026 11:43 AM
मनीषा कोइराला के साथ हुआ था ऐसा बर्ताव, PM तक पहुंच गई थी शिकायत

नारी डेस्क : हिंदी सिनेमा की कई अभिनेत्रियों ने अपने करियर के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना किया है। लेकिन क्या आप उस अभिनेत्री के बारे में जानते हैं, जिनसे जुड़ी एक शिकायत कथित तौर पर सीधे भारत के प्रधानमंत्री तक पहुंच गई थी? यह किस्सा अभिनेत्री मनीषा कोइराला के शुरुआती फिल्मी करियर से जुड़ा है। आइए जानते हैं पूरा मामला...

‘सौदागर’ से शुरू हुआ था किस्सा

बात 1991 की है, जब सुभाष घई ने मनीषा कोइराला को फिल्म ‘सौदागर’ से बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक दिया था। फिल्म में उनके साथ दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार और राज कुमार नजर आए थे। फिल्म की शूटिंग के कुछ हिस्से कुल्लू-मनाली में हुए थे। बताया जाता है कि शूटिंग के दौरान यूनिट के एक सदस्य ने मनीषा कोइराला के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। मनीषा ने जब यह बात अपनी मां को बताई, तो मामला उनके परिवार तक पहुंच गया।

मनीषा के पिता ने दिल्ली किया फोन

मनीषा कोइराला का परिवार नेपाल के राजनीतिक इतिहास से जुड़ा रहा है। उनके दादा बी.पी. कोइराला नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री थे। मनीषा के पिता प्रकाश कोइराला भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। कहा जाता है कि बेटी के साथ हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रकाश कोइराला ने दिल्ली में संपर्क किया। इसके बाद यह मामला तत्कालीन वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर तक पहुंचा।

प्रधानमंत्री तक पहुंची शिकायत

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि चंद्रशेखर ने इस मामले की जानकारी तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह तक पहुंचाई। इसके बाद प्रधानमंत्री की ओर से अभिनेता और तत्कालीन राजनेता राज बब्बर से मामले की जानकारी लेने और इसे सुलझाने के लिए कहा गया। इसके बाद मामला राजनीतिक स्तर पर भी गंभीरता से लिया गया और संबंधित लोगों से बातचीत शुरू हुई।

कई नेताओं तक पहुंचा मामला

बताया जाता है कि राज बब्बर ने मामले को लेकर महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार से भी संपर्क किया। इसके बाद कई स्तरों पर बातचीत हुई और मामले को शांत करने की कोशिश की गई। फिल्म यूनिट के लिए यह बात कथित तौर पर हैरान करने वाली थी कि शूटिंग से जुड़ा एक मामला इतनी जल्दी राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया।

‘सौदागर’ ने रातोंरात बना दिया स्टार

मनीषा कोइराला ने साल 1991 में सुभाष घई की ‘सौदागर’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। हालांकि, उनका अभिनय सफर इससे पहले ही शुरू हो चुका था। उन्होंने 1989 की नेपाली फिल्म ‘फेरी भेटौला’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद मनीषा ने ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘बॉम्बे’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘गुप्त’, ‘खामोशी’ और ‘दिल से’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। 90 के दशक में वह हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं और आज भी अपनी दमदार अदाकारी के लिए जानी जाती हैं।

Related News