नारी डेस्कः आपने बहुत सारे लोगों को मुंह से साइनस नाम की समस्या के बारे में सुना होगा, इसमें चेहरे पर सूजन व इंफेक्शन सी हो जाती है लेकिन ये समस्या होती किन कारणों से है चलिए इस पैकेज के जरिए समझते हैं। साइनस (Sinus) नाक, माथे, गाल और आंखों के आसपास मौजूद हवा से भरी छोटी-छोटी गुहाएं (Air-filled cavities) होती हैं। ये नाक को नम रखने, हवा को फिल्टर करने और आवाज की गूंज (Resonance) बनाए रखने में मदद करती हैं। जब इनमें सूजन या संक्रमण हो जाता है तो उसे साइनसाइटिस (Sinusitis) कहा जाता है।
साइनस की समस्या क्यों होती है?
साइनसाइटिस होने के कई कारणों से हो सकता है जैसे अगर आपको
बार-बार सर्दी-जुकाम होना।
वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण।
धूल, धुआं और प्रदूषण।
एलर्जी (धूल, परागकण, पालतू जानवरों के बाल)।
नाक की हड्डी का टेढ़ा होना (Deviated Nasal Septum)।
नाक में पॉलिप्स (Nasal Polyps)।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Weak Immunity)।

साइनस के सामान्य लक्षण
माथे, गाल या आंखों के आसपास दर्द और भारीपन।
नाक बंद रहना।
गाढ़ा पीला या हरा बलगम निकलना।
सिर झुकाने पर दर्द बढ़ जाना।
सिरदर्द।
सूंघने की क्षमता कम होना।
गले में बलगम गिरना (Post Nasal Drip)।
बुखार और थकान (कुछ मामलों में)।
साइनस का इलाज कैसे किया जाता है?
साइनस का इलाज इसके कारणों पर निर्भर करता है।
वायरल संक्रमण होने पर आराम, भाप और पर्याप्त पानी पीना काफी मददगार होता है।
एलर्जी होने पर डॉक्टर एंटी-एलर्जिक दवाएं या नेजल स्प्रे दे सकते हैं।
बैक्टीरियल संक्रमण होने पर जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दी जाती है।
अगर नाक की हड्डी टेढ़ी हो या पॉलिप्स हों और दवाओं से आराम न मिले, तो एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS) या सेप्टोप्लास्टी की जरूरत पड़ सकती है।
घर पर क्या करें?
दिन में 2–3 बार भाप लें।
खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं।
नॉर्मल सलाइन नेजल स्प्रे या सलाइन वॉश से नाक साफ करें।
धूल, धुआं और तेज परफ्यूम से बचें।
कमरे की हवा को बहुत ज्यादा सूखा न रहने दें।
पर्याप्त नींद लें और संतुलित आहार खाएं।
क्या साइनस हमेशा पूरी तरह ठीक हो जाता है?
अधिकांश लोगों में सही इलाज और जीवनशैली अपनाने से साइनस की समस्या ठीक हो जाती है लेकिन जिन लोगों को एलर्जी, टेढ़ी नाक की हड्डी या नाक में पॉलिप्स होते हैं, उनमें यह बार-बार हो सकता है। ऐसे मामलों में ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ की नियमित सलाह जरूरी होती है।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
10–14 दिन से ज्यादा लक्षण बने रहें।
तेज बुखार हो।
आंखों के आसपास सूजन या लालिमा आ जाए।
चेहरे में बहुत तेज दर्द हो।
बार-बार साइनस इंफेक्शन हो।
नजर धुंधली होने लगे या आंखों में दर्द हो।
याद रखिएः साइनस की समस्या को शुरुआत में ही पहचानकर सही इलाज कराया जाए तो ज्यादातर मामलों में बिना किसी बड़ी परेशानी के इसे ठीक किया जा सकता है। यदि नाक लंबे समय तक बंद रहती है, चेहरे में दर्द बना रहता है या समस्या बार-बार होती है, तो स्वयं दवा लेने के बजाए ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।