
नारी डेस्क: एक्टर और BJP सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को हालिया छात्र आंदोलन के खिलाफ अपनी तीखी टिप्पणियों को और तेज़ कर दिया। उन्होंने 'जेन ज़ेड' (Gen Z) प्रदर्शनकारियों के लिए "फेमी-नाज़ी" और "गटर छाप" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ तीखी और अप्रिय बहस की। भड़काऊ टिप्पणियां करने के लिए जानी जाने वाली रनौत ने परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर CJP के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर कई पोस्ट और मीडिया बाइट्स के ज़रिए बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
कंगना ने दिया ये बयान
कंगना ने 'जेन ज़ेड' को "जेनरेशन गटर" कहा, उनकी रील्स को "उल्टी लाने वाली" बताया और पूछा कि "उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है"। इस वजह से वह विवादों के केंद्र में आ गई हैं और विपक्षी सांसद व अन्य लोग उन पर निशाना साध रहे हैं। सोनू सूद ने भी इस बयान की आलाेचना की है। एक्टर ने कहा- "अगर उन्होंने ऐसा कहा है , तो यह बहुत शर्मनाक है। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। बोलने से पहले हमेशा सोचना चाहिए। लोग भगवान का ही दूसरा रूप होते हैं।"
सोनू सूद ने दी ये सलाह
मीडिया से बात करते हुए सोनू ने माना कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक्टर्स की सफलता के पीछे ऑडियंस, खासकर युवा पीढ़ी का हाथ होता है। लोगों के सपोर्ट की अहमियत बताते हुए सोनू ने आगे कहा, "जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप तरक्की करते रहेंगे। अगर वे आपके साथ नहीं हैं तो मुश्किल हो जाती है। इसलिए सबको साथ लेकर चलना चाहिए।"
आलोचना करने वालों को कंगना ने दिया जवाब
वहीं इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी वीडियो में, हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद ने उन पर हमला करने के लिए मीडिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा-"मैंने उनसे कहा था कि वे कुछ प्रदर्शनकारियों के 'गटर छाप', अनैतिक और घिनौने व्यवहार को सामान्य न मानें, जो बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाओं के सामने सड़कों पर ऐसा कर रहे थे। हम इस समाज में इसे स्वीकार नहीं करते। हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चों को सेक्सुअलाइज़ किया जाए और वे हमारे बुज़ुर्गों के सामने शर्मिंदा महसूस करें। हम इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं करते," । रनौत ने चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी ज़िक्र किया और कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।