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चुप्पी बनी खतरा! बढ़ रही एंजायटी और डिप्रेशन की समस्या, जानें दोनों में क्या है अंतर

  • Edited By Pooja Gill,
  • Updated: 20 Apr, 2026 01:55 PM
चुप्पी बनी खतरा! बढ़ रही एंजायटी और डिप्रेशन की समस्या, जानें दोनों में क्या है अंतर

नारी डेस्क: आज के समय में एंजायटी और डिप्रेशन एक आम समस्या बनती जा रही है। लाखों-करोड़ों लोग इनसे जूझ रहे हैं, लेकिन चिंता की बात यह है कि ज्यादातर लोग इन दोनों के बीच का फर्क नहीं समझ पाते। यही वजह है कि सही समय पर इलाज नहीं हो पाता और परेशानी बढ़ती जाती है। लोगों को इसमें अंतर समझने की बहुत जरुरत है, ताकि इस समस्या का सही इलाज हो सके। चलिए जानते है इस दोनों समस्या में से सबसे ज्यादा खतरनाक कौन से समस्या है और इनमें क्या-क्या अंतर है?

एंजायटी की समस्या क्या है?

एंजाइटी (Anxiety) तनाव या किसी अनिश्चित स्थिति के प्रति शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है, जो डर, घबराहट और बेचैनी के रूप में महसूस होती है। जब यह भावना अत्यधिक, लगातार बनी रहने वाली और रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करने लगे, तो इसे एंजाइटी डिसऑर्डर कहते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, एंजायटी एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति भविष्य को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता और डर महसूस करता है। इसमें बार-बार घबराहट, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना, ज्यादा पसीना आना और नींद न आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार यह डर बिना किसी साफ कारण के भी होता है। हल्की एंजायटी सामान्य हो सकती है, लेकिन जब यह ज्यादा बढ़ जाए और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो यह एक डिसऑर्डर बन जाती है।

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डिप्रेशन क्या है?

अवसाद (Depression) एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जो लगातार उदासी, निराशा, और दैनिक गतिविधियों में रुचि की कमी (आनंदहीनता) का कारण बनती है। यह केवल सामान्य उदासी नहीं, बल्कि मन की एक ऐसी अवस्था है जिसमें नकारात्मकता हावी हो जाती है और सोचने, महसूस करने तथा व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है।

एंजायटी और डिप्रेशन में अंतर

एंजायटी (Anxiety) और डिप्रेशन (Depression) दोनों मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं, लेकिन इनके लक्षण और प्रभाव अलग हैं। एंजायटी अत्यधिक डर, चिंता और भविष्य की घबराहट से जुड़ी है, जबकि डिप्रेशन गहरी उदासी, निराशा और ऊर्जा की कमी का अनुभव कराता है। डिप्रेशन में व्यक्ति वर्तमान की निराशा से परेशान रहता है। एंजायटी में शरीर हाइपर एक्टिव रहता है, जबकि डिप्रेशन में एनर्जी कम हो जाती है। कई मामलों में दोनों एक साथ भी हो सकते हैं, जिसे मिक्स्ड एंजायटी-डिप्रेशन कहा जाता है।

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एंजायटी और डिप्रेशन में ज्यादा खतरनाक क्या?

एंजायटी और डिप्रेशन दोनों ही काफी गंभीर मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स है।लेकिन, डिप्रेशन को अक्सर ज्यादा खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इसमें आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगते हैं। एंजायटी लंबे समय तक रहने पर हार्ट डिजीज, नींद की समस्याएं और मानसिक थकान पैदा हो सकती है। इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर इलाज लेना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इन दोनों समस्याओं का इलाज संभव है।
 

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