
नारी डेस्क: क्या आप जानते हैं कि अनार का इस्तेमाल सदियों से हर्बल दवा के तौर पर किया जा रहा है? अपनी डाइट में अनार शामिल करने से आपकी सेहत बेहतर हो सकती है, क्योंकि इसके कई फ़ायदे हैं। दुनिया भर में अनार की 1,000 से ज़्यादा किस्में पाई जाती हैं, और हर किस्म अपने आप में अनोखी होती है। इसी वजह से अनार का पोषण तत्व बहुत दिलचस्प बन जाता है। आइए इसके सूजन-रोधी (anti-inflammatory) और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अनार की है कई किस्में
दुनिया भर में अनार की कई किस्में पाई जाती हैं। हर किस्म का आकार, रंग और स्वाद अलग-अलग होता है। अनार बहुत पौष्टिक होता है, जिसमें छिलका, दाने और बीज का मिश्रण होता है। अध्ययनों से पता चला है कि अनार कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित हो सकता है। इनमें सांस से जुड़ी बीमारियां, पाचन संबंधी समस्याएं और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग शामिल हैं। यह इस बात को साबित करता है कि हमारी सेहत और पोषण के लिए अनार कितना ज़्यादा ज़रूरी है। अनार एक अनोखा फल है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
ये चीज अनार को बनाती है अनोखा
अनार हजारों सालों से मौजूद हैं, ये 5 मीटर तक ऊंचे उगते हैं। यह फल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। एक कप अनार में 145 कैलोरी और 2.05 ग्राम फैट होता है। इसमें 2.92 ग्राम प्रोटीन और 32.7 ग्राम कार्ब्स भी होते हैं। अनार विटामिन C और कैल्शियम जैसे विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं। अनार आपके दिल के लिए अच्छा होता है और बीमारियों का खतरा कम कर सकता है। अपनी डाइट में अनार का जूस या बीज शामिल करना स्वस्थ रहने का एक शानदार तरीका है।
15 दिनों तक अनार खाने के फ़ायदे
एक हेल्थ पेज में दावा किया गया कि लगातार 15 दिनों तक अनार का सेवन आपके पैरों के दर्द को जड़ से मिटाने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण नसों की जकड़न को खोलने में मदद करते हैं। बस एक मुट्ठी अनार और धीरे-धीरे आपका शरीर फिर से हल्का और ऊर्जावान महसूस करेगा। रोजाना अनार का सेवन या इसका जूस पीने से 15 दिनों में पैरों के दर्द में कमी महसूस की जा सकती है। यह जोड़ों के दर्द और नसों की सूजन में भी बहुत प्रभावी है। अनार के पत्तों का काढ़ा या अनार के छिलके का अर्क भी सूजन कम करने में सहायक हो सकता है।
नोट: यह लेख सिर्फ़ जानकारी देने के मकसद से है और इसे पेशेवर डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।