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भारत के घरों में है अपार सोना, दुनिया के टॉप 10 केंद्रीय बैंकों से भी बड़ा है खजाना

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 16 Apr, 2026 04:00 PM
भारत के घरों में है अपार सोना, दुनिया के टॉप 10 केंद्रीय बैंकों से भी बड़ा है खजाना

नारी डेस्क: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया से पहले गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय घरों में अब तक ज़मीन के ऊपर से निकाले गए कुल सोने का 11-16 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है। यह मात्रा अमेरिका, जर्मनी, इटली और रूस के संयुक्त राष्ट्रीय भंडार से भी ज़्यादा है। भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की कुल वैल्यू अब दुनिया के टॉप 10 केंद्रीय बैंकों के सामूहिक स्‍वर्ण भंडार से भी ज्यादा हो गई है। 


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हर तीन में से एक भारतीय परिवार के पस है सोना

डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म 'InCred Money' ने एक नोट में कहा कि केविन वॉर्श को US फेडरल रिज़र्व के लिए नामित किए जाने के बाद कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव केवल एक अल्पकालिक सुधार (short-term correction) को दर्शाता है। नोट में कहा गया है कि हर तीन में से एक भारतीय परिवार स्वेच्छा से सोने को धन के दीर्घकालिक भंडार (long-term store of wealth) के रूप में अपने पास रखता है। भारत के निजी सोने के भंडार का अनुमान उसके चरम पर देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 100 प्रतिशत से भी अधिक लगाया गया था। 


 हर साल 1,000 टन खरीदा जाता है सोना

रिपोर्ट में कहा गया- "यह पीढ़ियों से चला आ रहा एक विश्वास है, जो महंगाई के दौर, मुद्रा संकट और भू-राजनीतिक झटकों के बीच मज़बूत हुआ है। सोना हमेशा से ही भारत की मूल वैकल्पिक संपत्ति (alternative asset) रहा है।" नोट में पाया गया कि मार्च 2025 और मार्च 2026 के बीच सोने की कीमतों में आई 90 प्रतिशत की तेज़ी (rally) के पीछे मुख्य कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा 2022 से हर साल 1,000 टन से अधिक की लगातार खरीदारी और कुछ नीतिगत कदम थे।  रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से लेकर 2026 की शुरुआत तक सोने की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल ने भारतीय घरों में रखे सोने की कीमत को $5 ट्रिलियन (करीब 415 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचा दिया है। 


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सोने को निवेश के रूप में देख रहे भारतीय

नवंबर 2025 तक भारत में सोने और जेवरों के बदले दिया गया कर्ज 24.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो बताता है कि लोग अब सोने को निवेश के रूप में देख रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लंदन से अपने सोने के भंडार को वापस देश में मंगा लिया है। 2025 में, घरेलू चांदी की कीमतों में 170 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई, जबकि घरेलू सोने की कीमतों में 76 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई,इस प्रदर्शन ने निफ्टी और S&P 500 जैसे बेंचमार्क को भी पीछे छोड़ दिया।
 

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