
नारी डेस्क : सावन, तीज, रक्षाबंधन या किसी भी धार्मिक अवसर पर पूजा में इस्तेमाल होने वाले चांदी के बर्तन समय के साथ काले पड़ने लगते हैं। इसकी मुख्य वजह हवा में मौजूद सल्फर और नमी होती है, जो चांदी की सतह पर परत बना देती है। हालांकि, इसके लिए महंगे सिल्वर क्लीनर खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से भी चांदी के बर्तनों की खोई हुई चमक वापस लाई जा सकती है। आइए जानते हैं आसान और असरदार घरेलू उपाय।
नमक और गर्म पानी से करें सफाई
अगर चांदी के बर्तनों पर हल्का कालापन आ गया है, तो एक बर्तन में एल्युमिनियम फॉयल बिछाकर उसमें गर्म पानी और 2 चम्मच नमक डालें। अब चांदी के बर्तनों को 10–15 मिनट तक इसमें डुबोकर रखें। इसके बाद साफ पानी से धोकर मुलायम कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। इससे हल्की काली परत हटाने में मदद मिल सकती है।

सफेद टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें
सफेद (जेल रहित) टूथपेस्ट की पतली परत चांदी के बर्तन पर लगाएं। फिर मुलायम कपड़े या सॉफ्ट ब्रश से हल्के हाथों से रगड़ें। कुछ मिनट बाद पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ लें। यह तरीका हल्के दाग और कालापन हटाने में मददगार हो सकता है। पहले किसी छोटे हिस्से पर टेस्ट करना बेहतर रहेगा।
नींबू और नमक का घरेलू नुस्खा
एक कटोरी में ताजा नींबू का रस लें और उसमें थोड़ा-सा नमक मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस मिश्रण को मुलायम कपड़े की मदद से चांदी के बर्तनों पर लगाकर धीरे-धीरे साफ करें। इसके बाद साफ पानी से धोकर पूरी तरह सुखा लें। इससे बर्तनों की चमक बढ़ने में मदद मिल सकती है।

सिरके से लौटाएं चमक
एक बाउल में सफेद सिरका लें और उसमें थोड़ा पानी मिलाएं। चांदी के बर्तनों को कुछ मिनट के लिए इस मिश्रण में रखें। इसके बाद मुलायम कपड़े या स्पंज से हल्के हाथों से साफ करें और पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें। इससे जमी हुई गंदगी और कालापन हटाने में मदद मिल सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
बहुत पुराने या बारीक नक्काशी वाले चांदी के बर्तनों को जोर से न रगड़ें।
सफाई के बाद बर्तनों को पूरी तरह सुखाकर ही रखें।
चांदी के बर्तनों को सूखी और नमी रहित जगह पर स्टोर करें।
अगर बर्तन बहुत ज्यादा काले हो गए हैं या उन पर कीमती नक्काशी है, तो विशेषज्ञ से सफाई कराना बेहतर विकल्प हो सकता है।

नोट: ये घरेलू उपाय सामान्य चांदी के बर्तनों की सफाई के लिए हैं। यदि बर्तन पर विशेष कोटिंग, प्राचीन फिनिश या कीमती नक्काशी हो, तो पहले किसी छोटे हिस्से पर तरीका आजमाएं या विशेषज्ञ की सलाह लें।