नारी डेस्क : सोने की कीमतों में आने वाले महीनों में एक बार फिर तेज तेजी देखने को मिल सकती है। वैश्विक ब्रोकरेज एजेंसी Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 2026 के अंत तक 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। मौजूदा स्तर से यह करीब 8 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है और घरेलू बाजार में सोने का भाव 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जाने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्रीय बैंकों की खरीद से सोने को मिल रहा सपोर्ट
सोने की कीमतों को दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद से मजबूती मिल रही है। इसके अलावा पश्चिमी देशों के निवेशकों की ओर से गोल्ड ETF में बढ़ती दिलचस्पी और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें भी सोने की कीमतों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं। हालांकि, सोने की कीमत में इस साल काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद कीमतें जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर जून में 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे चली गई थीं। इसके बाद अगस्त में सोने की कीमत ने एक बार फिर तेजी पकड़नी शुरू की।

अगस्त में फिर तेज हुई सोने की चाल
अगस्त में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। आंकड़ों के मुताबिक, 24 अगस्त को स्पॉट गोल्ड 4,680.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। यह 14 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। हालांकि, इसके बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की सख्त टिप्पणियों के बीच सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली। 28 अगस्त को स्पॉट गोल्ड करीब 4,567.23 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में तेजी के साथ-साथ उतार-चढ़ाव भी जारी रह सकता है।
जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था सोना
इस साल जनवरी में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में गिरावट आई और जून में सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया। अब अगस्त में कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिली है।

भारत में क्या होगा असर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ने का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है। हालांकि, भारत में सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय भाव से तय नहीं होती। रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात शुल्क, टैक्स और घरेलू मांग जैसे कई दूसरे कारक भी कीमत को प्रभावित करते हैं। विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के पहले दो हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत करीब 9 फीसदी बढ़कर 4,391 डॉलर प्रति औंस हो गई थी। इसी दौरान भारत में घरेलू सोने की कीमत करीब 7 फीसदी बढ़कर 1,51,744 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई थी।
क्या 1.70 लाख रुपये तक पहुंचेगा सोना?
Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचता है, तो भारत में भी इसकी कीमत में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि, 1.70 लाख रुपये का स्तर एक अनुमान है, निश्चित कीमत नहीं। रुपये की चाल, आयात शुल्क, घरेलू मांग और वैश्विक बाजार की परिस्थितियां वास्तविक कीमत को प्रभावित करेंगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बात: सोने की कीमतों में तेजी की संभावना के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए केवल किसी एक अनुमान के आधार पर निवेश का फैसला लेने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।