नारी डेस्क: क्या आपने कभी भारतीय रुपये के नोटों पर लिखे A, B, C, D, E जैसे छोटे अंग्रेज़ी अक्षरों पर ध्यान दिया है? ज्यादातर लोग इन्हें केवल सीरियल नंबर का हिस्सा मान लेते हैं या नोट का डिज़ाइन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सच कहें तो ये अक्षर केवल सजावट नहीं हैं। इन छोटे अक्षरों में नोट के प्रिंटिंग प्रेस, उसकी पहचान और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण राज छिपे होते हैं।
नोट पर दिखाई देने वाले अक्षर
रुपये के नोटों में ये अक्षर आम तौर पर सीरियल नंबर के पास दिखाई देते हैं। हर नोट पर यह अलग-अलग अक्षर हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, 10, 20, 50, 100, 200, 500 या 2000 रुपये के नोट में आपको A, B, C, D, E जैसे अक्षर दिखाई देंगे। इन अक्षरों का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि नोट किस प्रिंटिंग प्रेस में छपा है। यह हर नोट की पहचान को आसान बनाता है और नोट की ट्रैकिंग में मदद करता है।

भारत में नोट छपने के प्रमुख केंद्र
भारत में नोट छापने के लिए केवल सरकारी प्रिंटिंग प्रेस निर्धारित हैं। आम तौर पर पांच बड़े केंद्र हैं, जो पूरे देश में नोट भेजते हैं
A – देवास, मध्य प्रदेश
B – सालबोनी, पश्चिम बंगाल
C – मैसूर, कर्नाटक
D – होशंगाबाद, मध्य प्रदेश
E – नासिक, महाराष्ट्र
हर अक्षर का मतलब उस विशेष प्रिंटिंग प्रेस से होता है।
अक्षरों का मतलब और नोट की पहचान
इस सिस्टम से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को नोटों की ट्रैकिंग में मदद मिलती है। यदि किसी नोट में गड़बड़ी या नकली नोट मिल जाए, तो इन अक्षरों की मदद से जल्दी और आसानी से पता लगाया जा सकता है कि वह नोट किस प्रिंटिंग प्रेस से आया है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 500 रुपये का नोट है और उसके पास C लिखा है, तो इसका मतलब है कि यह नोट मैसूर प्रिंटिंग प्रेस से आया है। इसी तरह E का मतलब नासिक प्रेस होता है।

अक्षरों के अलावा नोटों की सुरक्षा
नोट केवल अक्षरों पर ही निर्भर नहीं होते। इनमें कई सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जो नकली नोट बनाने की कोशिश को मुश्किल बनाते हैं। इनमें शामिल हैं
वॉटरमार्क
सिक्योरिटी थ्रेड
उभरी हुई छपाई
माइक्रो लेटरिंग
विशेष इंक और कलर
इन सब फीचर्स का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नोट असली और सुरक्षित रहे।
समय के साथ सुरक्षा और मजबूत हुई
पिछले कुछ सालों में भारतीय नोटों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है। नई रुपये की सीरीज में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है कि अब नकली नोट बनाना पहले की तुलना में बहुत मुश्किल हो गया है। नोटों पर A, B, C, D, E जैसे अक्षर यह बताते हैं कि नोट किस प्रिंटिंग प्रेस से आया है। यह अक्षर RBI को नोटों की ट्रैकिंग और असली पहचान में मदद करते हैं। नोटों में इन अक्षरों के अलावा कई सुरक्षा फीचर्स भी होते हैं। समय के साथ नोटों की सुरक्षा और मजबूत और एडवांस हो गई है।
इसलिए अगली बार जब भी आप नोट हाथ में लें, तो इन छोटे अक्षरों पर ध्यान दें ये केवल डिज़ाइन नहीं, बल्कि नोट की असली पहचान हैं।