
नारी डेस्क: कोटा के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद जटिलताओं के कारण एक महिला की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य की हालत बिगड़ गई निम्न रक्तचाप, प्लेटलेट की संख्या में कमी और मूत्र अवरोध जैसी जटिलताओं के बाद, गंभीर रूप से बीमार पांच महिलाओं को नेफ्रोलॉजी वार्ड में स्थानांतरित किया गया, जबकि नवजात शिशुओं को एनएमसीएच वार्ड में ले जाया गया।
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एक अधिकारी ने बताया सोमवार शाम को कम से कम 12-13 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन से प्रसव हुआ, जिनमें से छह की हालत ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद बिगड़ गई। इलाज के दौरान छह महिलाओं में से एक की मंगलवार को मौत हो गई और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। अधिकारी ने कहा- बारह महिलाओं में से केवल छह में ही जटिलताएं उत्पन्न होने का कोई विशेष कारण जरूर होगा।
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वहीं जहां माएं जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही हैं वहीं उनके नवजात बच्चे मां के लिए तड़प रहे हैं। आईसीयू के बाहर बैठे परिवार वाले किसी तरह बच्चाें को संभालन की कोशिश में लगे हुए हैं। इसमें से एक को यूरिन आना बंद हो गया फिर डॉक्टरों ने जांच करवाई तो किडनी में इंफेक्शन का पता चला। परिवार वालों को समझ नहीं आ रहा है किडिलीवरी के दौरान किडनी में इंफेक्शन कैसे हो गई। वहीं अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि "सभी पांच महिलाओं की हालत स्थिर है, लेकिन 72-96 घंटे बीतने तक वे खतरे से बाहर नहीं होंगी।"