
नारी डेस्क: यह बिल्कुल सच है कि मौत पर किसी की कोई रोक नहीं है। यह जीवन का परम और अटल सत्य है मध्य प्रदेश के जबलपुर हादसे में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला जहां कई लोग बेमौत मारे गए। इसी बीच मां- बेटे की एक तस्वीर ने तो झकझाेर कर ही रख दिया मौत को सामने खड़ा देख वह बेबस मां अपने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश करती रही लेकिन वह कुछ नहीं कर पाई। मरने के बाद भी उसने बाहों में अपने बच्चे को थामे रखा। जरा सोचिए उस इंसान के बारे में जिन्होंने एक ही पल में अपनी पत्नी और बेटे को खो दिया।

यह अकसर हम सुनते हैं कि मरने वाला तो मर जाता बस पीछे रह जाती हैं उनकी यादें। मरीना मैसी अपने 4 साल के बेटे त्रिशान के साथ इस दुनिया से चली गई लेकिन उनके पति प्रदीप मेसी इस दुख को झेलने के लिए जिंदा रह गए। उन्होंने मौत को तो मात दे दी लेकिन अपनी जिंदगी यानी पत्नी और बच्चे को नहीं बचा पाए। जब मां- बेटे का शव उनके सामने आया तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। वह अपने मासूम बच्चे का हाथपकड़ते हुए कहते रहे राजा बेटा उठ जा… यूं चुप मत रह… देख पापा आए हैं, कुछ तो बोल बेटा।

वह बेबस पिता कभी बेटे को उठाने की कोशिश करता तो कभी पत्नी को, लेकिन वहां सिर्फ उनका शव था वह दोनों तो दुनिया से बहुत दूर चले गए थे। प्रदीप ने उस घटना को याद करते हुए बताया- हम क्रूज पर नर्मदा की लहरों का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। हवाएं असामान्य रूप से तेज हो गईं. क्रूज के कप्तान ने सबको नीचे जाने को कहा, खिड़कियां बंद कर दी गईं अचानक 8 से 10 फीट ऊंची लहरें उठीं और पानी के भारी दबाव से क्रूज की खिड़कियों के कांच चकनाचूर हो गए और देखते ही देखते सब पानी में समा गए।