16 MARMONDAY2026 8:28:03 PM
Nari

चैत्र नवरात्रि 2026: 8 या 9 कितने दिन की होगी नवरात्रि? जानें सामग्री और पूरी विधि

  • Edited By Monika,
  • Updated: 16 Mar, 2026 05:44 PM
चैत्र नवरात्रि 2026: 8 या 9 कितने दिन की होगी नवरात्रि? जानें सामग्री और पूरी विधि

नारी डेस्क: साल 2026 में आने वाली चैत्र नवरात्रि खास ज्योतिषीय संयोग के साथ शुरू होने जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 को घटस्थापना के साथ होगी और इसका समापन 27 मार्च 2026 को होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। इसी दिन देश के कई हिस्सों में गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर का पर्व भी मनाया जाता है।

8 दिन की होगी या 9 दिन की नवरात्रि?

इस बार प्रतिपदा तिथि के क्षय का योग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च को सुबह 6:54 बजे शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त हो जाएगी। हालांकि शास्त्रों के अनुसार जिस दिन प्रतिपदा तिथि होती है उसी दिन नवरात्रि का आरंभ माना जाता है। इसलिए इस बार भी चैत्र नवरात्रि पूरे 9 दिनों की ही होगी।

PunjabKesari

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष घटस्थापना के लिए कई शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं।
मीन लग्न: सुबह 6:54 से 7:50 बजे तक
मिथुन लग्न: सुबह 11:24 से दोपहर 1:38 बजे तक
शुभ चौघड़िया: सुबह 6:54 से 8:05 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:59 बजे तक
इन मुहूर्तों में भक्त घर या मंदिर में कलश स्थापना कर सकते हैं।

यें भी पढ़ें : चैत्र नवरात्रि 2026 के पहले दिन बन रहा है शुभ संयोग, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

विक्रम संवत 2083 की होगी शुरुआत

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से विक्रम संवत 2083 की भी शुरुआत होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष का नाम ‘रौद्र संवत्सर’ बताया गया है। हिंदू मान्यताओं में नया संवत्सर नई ऊर्जा, नए संकल्प और नई संभावनाओं का प्रतीक माना जाता है।

पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर साल नवरात्रि में मां दुर्गा अलग-अलग वाहन पर सवार होकर आती हैं। इस बार देवी पालकी (डोली) पर सवार होकर आएंगी। मान्यता है कि पालकी पर देवी का आगमन सामाजिक और राजनीतिक हलचल का संकेत माना जाता है।

PunjabKesari

चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियां

19 मार्च: प्रतिपदा, मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
20 मार्च: द्वितीया, मां ब्रह्मचारिणी पूजा
21 मार्च: तृतीया, मां चंद्रघंटा पूजा
22 मार्च: चतुर्थी, मां कूष्मांडा पूजा
23 मार्च: पंचमी, मां स्कंदमाता पूजा
24 मार्च: षष्ठी, मां कात्यायनी पूजा
25 मार्च: सप्तमी, मां कालरात्रि पूजा
26 मार्च – अष्टमी, मां महागौरी पूजा और रामनवमी
27 मार्च:नवमी, मां सिद्धिदात्री पूजा और नवरात्रि पारण।

यें भी पढ़ें : डायबिटीज मरीजों को बिलकुल नहीं खानी चाहिए ये दाल, खाते ही बढ़ जाएगा Sugar Level

कलश स्थापना की सामग्री

घटस्थापना के लिए लाल आसन, मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा कलश, मौली, रोली, अक्षत, सुपारी, लौंग, इलायची, कपूर, सिक्के, आम या अशोक के पत्ते, नारियल, लाल चुनरी, सिंदूर, फल-फूल और माला की आवश्यकता होती है।

PunjabKesari

कलश स्थापना की विधि

नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान कर पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण करते हुए मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योति जलाएं। मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उसके बीच में जल से भरा कलश स्थापित करें। कलश पर आम या अशोक के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल रखें। इसके बाद मां दुर्गा के व्रत और पूजा का संकल्प लिया जाता है।

Related News