
नारी डेस्क : केंद्रीय बजट 2026 आज यानी 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है और ऑटोमोबाइल सेक्टर को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। बीते साल सितंबर में लागू हुए GST 2.0 रिफॉर्म के बाद गाड़ियों की कीमतों में आई राहत से बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। अब इंडस्ट्री चाहती है कि Budget 2026 में ऐसे फैसले हों, जिससे यह रफ्तार आगे भी बनी रहे।
GST कट से बढ़ी बिक्री, अब चाहिए आगे का सपोर्ट
GST में कटौती के बाद कारों और दोपहिया वाहनों की कीमतें कम हुईं, जिससे ग्राहकों की खरीदारी बढ़ी और वाहन निर्माताओं को सीधा फायदा मिला। हालांकि ऑटो इंडस्ट्री का मानना है कि मौजूदा हालात में सिर्फ GST कट काफी नहीं है, बल्कि सेक्टर को लंबे समय तक मजबूती देने के लिए अतिरिक्त नीतिगत समर्थन जरूरी है।
स्टेबल पॉलिसी सबसे बड़ी मांग
ऑटो सेक्टर की सबसे अहम मांग स्पष्ट और स्थिर नीति (Stable Policy) को लेकर है। इंडस्ट्री का कहना है कि किसी भी नई गाड़ी को डिजाइन से लेकर सड़क पर उतारने तक कई साल लग जाते हैं। बार-बार नियमों में बदलाव से निवेश और प्लानिंग प्रभावित होती है।
अगर नीतियां स्थिर रहती हैं तो विदेशी निवेश बढ़ेगा।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा
नई टेक्नोलॉजी भारत में तेजी से आएगी।
GST में और राहत की उम्मीद
पेट्रोल और डीजल गाड़ियों (ICE Vehicles) पर GST राहत से इंडस्ट्री संतुष्ट है।
लेकिन अब हाइब्रिड वाहनों
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs)
पर भी टैक्स में अतिरिक्त राहत की मांग की जा रही है, ताकि इनकी कीमतें पारंपरिक गाड़ियों के करीब आ सकें।
दोपहिया सेगमेंट में कंपनियां छोटे इंजन वाली बाइक्स पर समान टैक्स स्ट्रक्चर चाहती हैं। वहीं 350cc से ज्यादा इंजन वाली बाइक्स पर ज्यादा टैक्स बिक्री को प्रभावित कर रहा है, जिस पर बजट से राहत की उम्मीद है।
EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस
EV सेक्टर Budget 2026 से सबसे ज्यादा उम्मीद लगाए बैठा है। कंपनियों का कहना है कि
पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाए
आसान फाइनेंस की व्यवस्था हो
पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए
हालांकि EV की रनिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट कम है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
ग्राहकों के लिए क्या होगा फायदा?
अगर बजट 2026 में
GST में और राहत
EV इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट
और स्टेबल पॉलिसी
जैसे फैसले लिए जाते हैं, तो इससे न केवल ऑटो इंडस्ट्री को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि ग्राहकों को और सस्ती, बेहतर और टेक्नोलॉजी से लैस गाड़ियां भी मिल सकेंगी।