21 APRTUESDAY2026 5:37:29 PM
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सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा के पत्तों पर सरकार की रोक, FSSAI का बड़ा फैसला

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 21 Apr, 2026 04:04 PM
सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा के पत्तों पर सरकार की रोक, FSSAI का बड़ा फैसला

नारी डेस्क: अश्वगंधा जो कि  एक शक्तिशाली ड़ी-बूटी माना जाता है, इसे 'इंडियन जिनसेंग' भी कहा जाता है। इसके शरीर के लिए फायदे भी हैं यह हमारे शरीर में तनाव और  कोर्टिसोल हार्मोन को काम करने में मदत करता हैं।  इसके अलावा यह मानसिक शांति, बेहतर नींद और शारीरिक शक्ति बढ़ाने (एडेप्टोजेन) में बहुत मदत करता है।  कई हर्बल सप्लीमेंट्स में हाल के समय में अश्वगंधा के पत्तों और उसके अर्क का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा था, लेकिन अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस पर रोक लगा दी है। दरअसल, आयुर्वेद में अश्वगंधा के पत्तों के उपयोग की सलाह नहीं दी जाती। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पत्तों का सेवन शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ा सकता है, इसलिए इसके इस्तेमाल को सेफ नहीं माना जाता।

FSSAI का बड़ा फैसला

हाल के दिनों में कई हर्बल सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा के पत्तों और उनके अर्क का इस्तेमाल बढ़ गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इन पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर आयुर्वेद में अश्वगंधा का सही उपयोग क्या है और पत्तों को लेकर इतनी सावधानी क्यों बरती जा रही है।

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आयुर्वेद क्या कहता है? 

विशेषज्ञों के अनुसार आयुर्वेद में अश्वगंधा को औषधि के रूप में इस्तेमाल जरूर किया जाता है, लेकिन इसके हर हिस्से का उपयोग समान रूप से नहीं होता।आयुर्वेदिक ग्रंथों में मुख्य रूप से इसकी जड़ों के उपयोग का उल्लेख मिलता है। अश्वगंधा की जड़ों में विथानोलाइड्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो तनाव कम करने, शरीर को ऊर्जा देने और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर आयुर्वेदिक दवाओं और सप्लीमेंट्स में जड़ का ही उपयोग किया जाता है।

पत्तों को लेकर क्यों बरतनी चाहिए सावधानी?

जहां जड़ को बेहद लाभकारी माना जाता है, वहीं पत्तों के इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह देते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से पत्तों को मुख्य औषधि के रूप में नहीं अपनाया गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पत्तों में विथायनोन जैसे तत्व अधिक मात्रा में हो सकते हैं, जो शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ा सकते हैं। यही कारण है कि इनके सेवन को सुरक्षित नहीं माना जाता और बिना विशेषज्ञ की सलाह के इनका उपयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है।

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अश्वगंधा की जड़ के फायदे 

शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद अश्वगंधा की जड़ को आयुर्वेद में ‘रसायन’ यानी पुनर्जीवित करने वाली औषधि माना जाता है। इसका संतुलित सेवन कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है नींद की गुणवत्ता बेहतर करता है, तनाव और चिंता को कम करता है।  शरीर की ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाता है साथ ही इम्यूनिटी को भी  मजबूत बनाता है।  मांसपेशियों की ताकत और दिमागी एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।  पुरुषों में यह हार्मोन संतुलन और ताकत बढ़ाने में सहायक मानी जाती है, जबकि महिलाओं के लिए भी यह हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट करती है।

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एक्सपर्ट की सलाह जरूरी

हालांकि अश्वगंधा के फायदे कई हैं, लेकिन इसका सेवन हमेशा सही मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। खासकर पत्तों के मामले में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
 
 

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