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सप्लीमेंट्स को टक्कर देते हैं ये 5 देसी Foods, 70 की उम्र में भी रहेंगे जवान, मिलते हैं कई फायदे

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 08 Jun, 2026 10:15 AM
सप्लीमेंट्स को टक्कर देते हैं ये 5 देसी Foods, 70 की उम्र में भी रहेंगे जवान, मिलते हैं कई फायदे

नारी डेस्क: आजकल लोग फिट रहने और लंबी उम्र तक स्वस्थ जीवन जीने के लिए महंगे विदेशी सप्लीमेंट्स पर खूब पैसा खर्च कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की रसोई में मौजूद कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थ पोषण के मामले में किसी भी महंगे सप्लीमेंट से कम नहीं हैं? यही वजह है कि अब मखाना, मोरिंगा, आंवला, बाजरा और हल्दी जैसे भारतीय सुपरफूड्स की मांग सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है। कोविड महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है। अब अधिकतर लोग प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय सुपरफूड्स दुनिया भर के हेल्थ कॉन्शियस लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

मखाना बना हेल्दी स्नैक की पहली पसंद

एक समय सिर्फ व्रत और त्योहारों तक सीमित रहने वाला मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना चुका है। प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर मखाना कम कैलोरी वाला स्नैक माना जाता है। इसे खाने से लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। यही कारण है कि फिटनेस पसंद करने वाले लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। भुना हुआ मखाना स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी माना जाता है।

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मोरिंगा को कहा जाता है ‘मिरेकल प्लांट’

सहजन या मोरिंगा को दुनिया के सबसे पौष्टिक पौधों में गिना जाता है। इसकी पत्तियां, फलियां और पाउडर कई देशों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मोरिंगा में कई जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यही वजह है कि मोरिंगा आधारित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई लोग इसे सूप, स्मूदी और हेल्दी ड्रिंक्स में मिलाकर सेवन करते हैं।

आंवला: आयुर्वेद का अनमोल खजाना

भारतीय आयुर्वेद में आंवले का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आंवला शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मददगार माना जाता है। आंवले का सेवन जूस, मुरब्बा, चूर्ण या चटनी के रूप में किया जाता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब इसे नियमित डाइट में शामिल कर रहे हैं, जिसके चलते इसकी लोकप्रियता विदेशों तक पहुंच चुकी है।

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बाजरा फिर से बना लोगों की पसंद

कभी गांवों के भोजन का हिस्सा माना जाने वाला बाजरा अब सुपरफूड के रूप में पहचान बना रहा है। फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर बाजरा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। ग्लूटेन-फ्री होने की वजह से भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। आजकल कई लोग गेहूं और चावल की जगह बाजरे से बने खाद्य पदार्थों को चुन रहे हैं।

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हल्दी का जादू दुनिया ने भी माना

भारतीय रसोई का सबसे आम मसाला हल्दी अब दुनिया भर में सुपरफूड के तौर पर लोकप्रिय हो चुका है। इसमें पाया जाने वाला करक्यूमिन अपने शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। हल्दी वाले दूध से लेकर सप्लीमेंट्स तक, आज कई देशों में हल्दी आधारित उत्पादों का उपयोग बढ़ गया है। यही कारण है कि विदेशी बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

क्यों बढ़ रही है इन देसी सुपरफूड्स की लोकप्रियता?

विशेषज्ञों का मानना है कि लोग अब प्राकृतिक और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की ओर लौट रहे हैं। भारतीय सुपरफूड्स न केवल पोषण से भरपूर हैं, बल्कि ये आसानी से उपलब्ध और अपेक्षाकृत किफायती भी हैं। इसी वजह से मखाना, मोरिंगा, आंवला, बाजरा और हल्दी जैसे देसी खाद्य पदार्थ अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। आने वाले समय में इनकी लोकप्रियता और भी बढ़ने की संभावना है।
 
 

 
 

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