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संगीत जगत से आई दुखद खबर: मशहूर गायिका ने दुनिया को कहा अलविदा

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 12 Jul, 2026 10:07 AM
संगीत जगत से आई दुखद खबर: मशहूर गायिका ने दुनिया को कहा अलविदा

नारी डेस्क: भारतीय सिनेमा और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (जानकी अम्मा) का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज ने पांच दशकों से भी अधिक समय तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की, जिसके बाद देशभर से कलाकारों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मैसूरु के अस्पताल में हुआ निधन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एस. जानकी को 11 जुलाई 2026 को मैसूरु स्थित अपोलो बीजीएस अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्हें दोपहर 12:49 बजे अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी और उपचार में जुटी रही। हालांकि, तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी तबीयत में सुधार नहीं हो सका। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और शाम करीब 7:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर ने संगीत जगत को गहरे सदमे में डाल दिया।

पोती ने सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी

एस. जानकी के निधन की जानकारी सबसे पहले उनकी पोती ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए दी। इसके बाद यह खबर तेजी से पूरे देश में फैल गई। उनके चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ ला दी और उनके सदाबहार गीतों को साझा कर उन्हें याद किया। सुपरस्टार रजनीकांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एस. जानकी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनकी मधुर आवाज ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत गायिका की आत्मा को शांति प्रदान करें। रजनीकांत का यह संदेश उनके प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाता है।

कमल हासन बोले उनकी आवाज हमेशा गूंजती रहेगी

अभिनेता कमल हासन ने भी एस. जानकी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह अपूरणीय क्षति केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि संगीत प्रेमियों के लिए भी बेहद दुखद है। कमल हासन ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

अनिरुद्ध रविचंदर ने भी किया याद

संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर ने भी एस. जानकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि उनके आशीर्वाद और स्नेह को वह हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और "ॐ शांति" लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

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चिन्मयी श्रीपदा ने साझा की भावुक यादें

गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने एस. जानकी को याद करते हुए एक भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब दो दशक पहले ऑस्ट्रेलिया में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान उन्हें एस. जानकी के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला था। चिन्मयी ने बताया कि उस कार्यक्रम में जानकी अम्मा ने एक ऐसा गीत गाया, जिसमें उनकी आवाज कभी एक छोटी बच्ची, कभी एक महिला और कभी पुरुष जैसी सुनाई दे रही थी। मंच के पीछे मौजूद चिन्मयी को लगा कि कोई पुरुष गायक भी उनके साथ गा रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि पूरी प्रस्तुति अकेले एस. जानकी ने ही दी थी। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए आज भी अविस्मरणीय है और वह हमेशा उन्हें अपना आदर्श मानती रहेंगी।

कई भाषाओं में दी अनगिनत यादगार आवाजें

एस. जानकी भारतीय संगीत जगत की उन चुनिंदा गायिकाओं में शामिल थीं, जिन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए। उनकी गायकी में भावनाओं की गहराई, सुरों की मिठास और अद्भुत अभिव्यक्ति देखने को मिलती थी। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने कई लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज दी। 'यार बिना चैन कहां रे', 'दिल दीवाना', 'तुम मेरे हो' और 'ना जाने कैसे कब कहां' जैसे कई गीत आज भी श्रोताओं की पसंद बने हुए हैं। दक्षिण भारतीय फिल्म संगीत में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है।

संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति

एस. जानकी का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने अपनी आवाज से लाखों लोगों की भावनाओं को छुआ और संगीत की दुनिया में एक ऐसी विरासत छोड़ी, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी। उनके गीत हमेशा श्रोताओं के दिलों में जीवित रहेंगे और भारतीय संगीत इतिहास में उनका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा।
  
 
 
 

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