
नारी डेस्क: सोच रहे हैं कि बच्चों को खाना बनाना कैसे सिखाएं? खाना बनाना एक ऐसी लाइफ स्किल है जो बच्चों में कॉन्फिडेंस, क्रिएटिविटी और खाने के प्रति एक हेल्दी रिश्ता बनाने में मदद करती है। आज हम आपको बच्चों को किचन की गतिविधियों में शामिल करने के कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे हैं। चाहे आपका बच्चा खाने-पीने में नखरे करता हो या फिर उसमें शेफ़ बनने की चाहत हो, ये मज़ेदार और प्रैक्टिकल तरीके आपको कॉन्फिडेंट और नई चीज़ें सीखने के लिए उत्सुक शेफ़ तैयार करने में मदद करेंगे

सबसे पहले समय निकालें
बच्चों को खाना बनाना सिखाने के लिए सब्र और समय की ज़रूरत होती है। जल्दबाज़ी न करें, क्योंकि इससे खाना बनाना ज़्यादा सुरक्षित और मज़ेदार होगा। खाना बनाने को परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय का हिस्सा बनाएं, पता करें कि परिवार के ज़्यादातर सदस्य कब इस मज़ेदार काम में शामिल हो सकते हैं। अगर रेसिपी से ज़्यादा गंदगी फैलने की संभावना हो, तो सफ़ाई के लिए भी थोड़ा ज़्यादा समय रखें। शुरुआत के लिए कोई आसान रेसिपी आज़माएं, जैसे स्मूदी, बिना बेक किए बनने वाले एनर्जी बॉल्स या सैंडविच।
बच्चों से रेसिपी चुनने को कहें
बच्चे उस रेसिपी को बनाने के लिए ज़्यादा उत्साहित होंगे जिसे उन्होंने खुद चुना हो। सबसे पहले देखें कि आपके फ्रिज और पैंट्री में क्या-क्या सामान है, और उसी के हिसाब से आसान और बच्चों के लिए सही रेसिपी आज़माएं। अपने बच्चे को दो रेसिपी में से चुनने की आज़ादी दें ताकि वे बहुत सारे विकल्पों से परेशान न हों।

काम करने की जगह तैयार करें
खाना पकाने को कम तनावपूर्ण बनाने के लिए, काम करने की जगह को पहले से ही बच्चों के लिए सुरक्षित बना लें। रसोई के खतरनाक औज़ारों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। पक्का करें कि बच्चा बिना ज़्यादा ध्यान भटके अपने काम पर ध्यान दे सके।अगर बच्चा छोटा है और गर्म चीज़ों या चाकू का इस्तेमाल नहीं कर सकता, तो माता-पिता कुछ चीज़ें काटकर या पकाकर तैयार रख सकते हैं ताकि बच्चा उन्हें सजाने या मिलाने का काम खुद कर सके। राइस बाउल, सलाद और पारफ़े (parfaits) जैसी डिशेज़ बच्चों के लिए शुरुआत करने के लिए बहुत अच्छी होती हैं। इनमें वे अपनी क्रिएटिविटी और मोटर स्किल्स का इस्तेमाल करके फलों और सब्ज़ियों को अपनी पसंद के हिसाब से सजा सकते हैं।
बच्चों को गलतिया करने दें
थोड़ा कंट्रोल छोड़ें और बच्चों को किचन में काम करने का कॉन्फिडेंस दें। हो सकता है कि रेसिपी के स्टेप्स सही क्रम में न हों या नाप-तौल में थोड़ी गड़बड़ हो जाए, लेकिन इससे वे ज़्यादा आज़ाद महसूस करेंगे और बार-बार किचन में मदद करने के लिए उत्साहित होंगे। माता-पिता, याद रखें कि बनाते समय चखते भी रहें। अगर नाप-तौल में कोई गड़बड़ हो, तो आप उसे आसानी से ठीक कर सकते हैं। ऐसी रेसिपी आज़माएं जिनमें थोड़ी-बहुत गलती चल जाती है, जैसे स्मूदी, रैप, बुरिटो और सूप।