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पति को मारने वाली सोनम रघुवंशी घूम रही है आजाद, वकील बोला- उसे देखकर ही सिया गोयल  ने किया Crime

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 03 Jul, 2026 06:04 PM
पति को मारने वाली सोनम रघुवंशी घूम रही है आजाद, वकील बोला- उसे देखकर ही सिया गोयल  ने किया Crime

नारी डेस्क: उच्चतम न्यायालय ने 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सोनम रघुवंशी को जमानत देने से संबंधित मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले पर प्रथम दृष्टया कुछ आपत्ति जताई लेकिन जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस तथ्य पर गौर किया कि रघुवंशी जेल से रिहा हो चुकी है और निचली अदालत की जमानत की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही है। 
 

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सोनम रघुवंशी पर लगे हैं गंभीर आरोप

राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रघुवंशी पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं और उसे सिर्फ तकनीकी कारणों के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। मेहता ने कहा कि यह मामला "वाकई बहुत चौंकाने वाला" है। उन्होंने उच्च न्यायालय के जमानत आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि जमानत इस आधार पर दी गई कि गिरफ्तारी के सभी कारण नहीं बताए गए थे। सॉलिसिटर जनरल ने कहा-"यह वही मामला है जिसमें पति-पत्नी हनीमून मनाने मेघालय गए थे। यह पहले से सोची-समझी हत्या थी। इसमें उसके तीन साथी भी शामिल थे। उसने पहाड़ी पर अपने पति की हत्या की और शव को गहरी खाई में फेंक दिया। तीनों हमलावर और खुद महिला भी हमले में शामिल थे। इसके बाद वह फरार हो गई थी और बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार की गई।" 

उच्च न्यायालय ने जमानत पर रोक लगाने से किया इंकार


सॉलिसिटर जनरल ने कहा-  अगर उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक नहीं लगाई गई तो वह फरार हो सकती है। मेहता ने ट्रांजिट रिमांड देने से संबंधित उत्तर प्रदेश के मजिस्ट्रेट के फैसले का भी जिक्र किया जिन्होंने अपने आदेश में लिखा था कि गिरफ्तारी के कारण सोनम को बताए गए थे। उच्चतम न्यायालय ने रघुवंशी के वकील से कहा, "प्रथम दृष्टया हमें उच्च न्यायालय के फैसले पर कुछ आपत्ति है। जिस तरह उच्च न्यायालय ने इस मामले पर गौर किया है, उस पर हमें आपत्ति है।" सोनम के वकील ने कहा कि निचली अदालत ने जमानत की कड़ी शर्तें लगाई हैं और उसे शिलांग में ही रहना होगा, इसलिए उसके फरार होने की आशंका नहीं है। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए वह जमानत आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा- "अगर वह रिहा हो चुकी है, तो हम अब इस आदेश पर रोक नहीं लगा सकते।" 
 

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ये है पूरा मामला

अदालत ने यह भी कहा कि उसे पहले लगा था कि वह अब भी जेल में है। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए अदालत को मनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पत्नियों द्वारा पतियों की हत्या के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने हाल ही के लोहागढ़ मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला पर अपने मंगेतर की हत्या का आरोप है। मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली रघुवंशी को पिछले साल जून में अपने कारोबारी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। दोनों पिछले साल 23 मई को मेघालय के सोहरा इलाके में घूमने गए थे और वहीं लापता हो गए थे। इसके बाद दो जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला था। पुलिस का आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने  अपने पति की हत्या कराने के लिए भाड़े के हमलावरों के साथ साजिश रची थी। मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को निचली अदालत द्वारा रघुवंशी को दी गई जमानत को सही ठहराया था। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की एक याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें 27 अप्रैल को निचली अदालत की ओर से दी गई जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि गिरफ्तारी के कारण जिस तरीके से तय किए गए, उससे यह साफ दिखता है कि इसमें "न्यायिक दृष्टिकोण का पूरी तरह अभाव" था।
 

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