
नारी डेस्क : विटामिन B12 को शरीर और दिमाग के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि अगर ब्लड टेस्ट में B12 लेवल नॉर्मल है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च ने इस बात को बदल दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कई बुजुर्गों में B12 नोरमल होने के बावजूद याददाश्त कमजोर होना, हाथ-पैर सुन्न होना और सोचने की क्षमता धीमी होने जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
क्यों हो रही हैं ये दिक्कतें?
रिसर्च में पाया गया कि सिर्फ कुल B12 लेवल देखना पर्याप्त नहीं है। शरीर जिस B12 का वास्तव में इस्तेमाल करता है, उसे “एक्टिव B12” कहा जाता है। जिन लोगों में एक्टिव B12 कम था, उनमें दिमाग और नसों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलीं।
रिसर्च में क्या सामने आया?
स्टडी में करीब 231 स्वस्थ बुजुर्गों को शामिल किया गया, जिनकी औसत उम्र 71 साल थी। इनमें किसी को डिमेंशिया या मानसिक कमजोरी की बीमारी नहीं थी। इसके बावजूद जिन लोगों में एक्टिव B12 कम पाया गया,
उनमें, सोचने और समझने की स्पीड धीमी थी
विजुअल प्रोसेसिंग कमजोर थी
नसों की प्रतिक्रिया धीमी थी
हाथ-पैर सुन्न होने जैसी शिकायतें थीं
ब्रेन स्कैन में दिखे बदलाव
रिसर्च में यह भी सामने आया कि कम एक्टिव B12 वाले लोगों के दिमाग में “व्हाइट मैटर लीजन” ज्यादा पाए गए। व्हाइट मैटर दिमाग के अलग-अलग हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करता है। इसमें खराबी आने से स्ट्रोक, डिमेंशिया और मानसिक गिरावट का खतरा बढ़ सकता है।
उम्र के साथ क्यों बढ़ता है खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती उम्र में शरीर की B12 को एब्जॉर्ब करने की क्षमता कम होने लगती है। इसके अलावा, पाचन संबंधी समस्याएं, कुछ दवाइयां और पूरी तरह शाकाहारी डाइट भी B12 की कमी का नुकसान बढ़ा सकती हैं।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
अगर B12 रिपोर्ट नॉर्मल होने के बावजूद ये लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें
हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन
बार-बार भूलना
कमजोरी और थकान
संतुलन बिगड़ना
ध्यान लगाने में परेशानी।
क्या कहती है रिसर्च?
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्टडी सीधे तौर पर यह साबित नहीं करती कि कम एक्टिव B12 ही मानसिक गिरावट की वजह है, लेकिन इससे यह जरूर संकेत मिलता है कि सामान्य रिपोर्ट आने के बावजूद दिमाग और नसों पर असर शुरू हो सकता है। इसलिए केवल सामान्य B12 रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।