नारी डेस्क: भारत में मॉनसून का मौसम शायद सबसे ज़्यादा पसंद किया जाने वाला और जिसका बेसब्री से इंतज़ार किया जाता है, ऐसा मौसम है। देश की खेती-बाड़ी और लोगों की खाने-पीने की सुरक्षा समय पर होने वाली बारिश पर निर्भर करती है। यह हरियाली तीज, गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी और रक्षाबंधन जैसे कई त्योहारों का मौसम है। अगर आप इन त्योहारों के लिए अपने घर को तैयार करना चाहते हैं, तो मॉनसून के मौसम के लिए यहां कुछ वास्तु टिप्स दिए गए हैं।

मॉनसून के लिए आसान वास्तु टिप्स
पॉज़िटिव एनर्जी और ताज़ी हवा लाएं – वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशाएं जल तत्व को दर्शाती हैं। कुबेर और वरुण, जो दोनों ही समृद्धि और भरपूरता के प्रतीक हैं, इन दिशाओं के स्वामी हैं। इन दिशाओं में खिड़कियां खुली रखने से पॉज़िटिव एनर्जी और ताज़ी हवा घर में आ सकती है।
प्रकृति से मेल खाते रंग – अगर आप अपने घर को फिर से सजा रहे हैं या कुशन कवर, गलीचे या पर्दे बदलने जैसे छोटे-मोटे बदलाव कर रहे हैं, तो हरे रंग का ज़्यादा इस्तेमाल करने के बारे में सोचें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह एक सुखद रंग है और घर में शांति और खुशी लाता है। घर को रोशन और जीवंत बनाने के लिए पीले और क्रीम जैसे चमकीले रंगों के साथ इसे मिलाएं।
घर का रखरखाव – वास्तु शास्त्र घर में तत्वों के संतुलन पर ज़ोर देता है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व दिशाएं अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसीलिए रसोईघर को इन दिशाओं में बनाना सबसे अच्छा माना जाता है। चूंकि मॉनसून की बारिश जल तत्व का आनंद लेने का समय है, इसलिए दक्षिण और दक्षिण-पूर्व की खिड़कियों को बंद रखना सबसे अच्छा है, ताकि इन दिशाओं से बारिश का पानी अंदर न आ सके।

लीकेज ठीक करें – बारिश देश में खुशहाली, समृद्धि और भरपूरता लाती है। वे परिवार में आर्थिक लाभ का भी संकेत देती हैं। लीक होने वाले पाइप और नल घर की आर्थिक स्थिति पर लगातार तनाव का संकेत देते हैं। घर में पॉज़िटिव एनर्जी को बढ़ाने के लिए इन्हें ठीक करना ज़रूरी है। टपकते नल और टोंटी परिवार के सदस्यों की सेहत पर भी बुरा असर डालते हैं और आपके यूटिलिटी बिल को भी बढ़ाते हैं, इसलिए इन्हें ठीक करना ज़रूरी है।
घर के अंदर सूखा और आरामदायक माहौल – मॉनसून के मौसम में नमी का स्तर बढ़ जाता है और कपड़े सुखाने जैसी रोज़मर्रा की गतिविधियां मुश्किल हो जाती हैं। घर में सीलन और नमी वाली बदबू से नेगेटिव एनर्जी जमा हो जाती है। जब भी हो सके, ताज़ी हवा और धूप आने दें।
अगरबत्ती का जादू – कई घरों में अगरबत्ती या धूप जलाना आम बात है। मॉनसून के दौरान कपूर, लोबान, चंदन और रोज़वुड जलाना वास्तु के हिसाब से बहुत अच्छा माना जाता है। इनसे न सिर्फ़ अच्छी किस्मत और पॉज़िटिव वाइब्स आती हैं, बल्कि ये नैचुरल खुशबू भी देते हैं जिससे घर महकता रहता है। आप अपनी रोज़ की पूजा-पाठ में अगरबत्ती जलाने को भी शामिल कर सकते हैं।

हरियाली बढ़ाएं – गर्मी का मौसम बीत चुका है, इसलिए घर में सुंदर पौधे लाने का यह सही समय है। ऐसे पौधे चुनें जिनकी देखभाल आसान हो और जो घर में जान डाल दें। अच्छी किस्मत के लिए क्लोवर, मनी प्लांट और लेमन ग्रास जैसे गमले वाले पौधे घर में रखें। इस मौसम में आप लिविंग रूम या डाइनिंग टेबल पर ताज़े और रंग-बिरंगे फूल भी रख सकते हैं।
आस-पास साफ़-सफ़ाई रखें – रुका हुआ पानी बीमारी, आर्थिक नुकसान और दुर्भाग्य की वजह बनता है। पूरे देश में यह आम मान्यता है और वास्तु के नियमों में भी इसे सही माना गया है। बारिश के मौसम में पानी का जमा होना बड़ी समस्या बन जाता है और इससे मच्छर व कीड़े-मकोड़े भी पनपते हैं। घर या बिल्डिंग के आस-पास जमा पानी साफ़ करें, चूहों के बनाए छोटे गड्ढे या बिल भर दें और अच्छी किस्मत के लिए साफ़-सफ़ाई बनाए रखें।