नारी डेस्क: अक्सर समाज में यह धारणा होती है कि पुरुष किसी भी उम्र में पिता बन सकते हैं, लेकिन वैज्ञानिक और चिकित्सीय शोध इसके विपरीत बताते हैं। पुरुषों की प्रजनन क्षमता उम्र के साथ धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है। 45 साल के बाद पिता बनने पर बच्चे में ऑटिज्म, सिज़ोफ्रेनिया और कुछ जन्मजात समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए बेबी प्लानिंग करते समय पुरुषों को अपनी उम्र और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर उम्र का असर
कई लोग सोचते हैं कि केवल महिलाओं की उम्र प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है, जबकि पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ शुक्राणुओं (स्पर्म) की संख्या, गुणवत्ता और गतिशीलता (motility) पर असर पड़ता है। इसके अलावा, समय के साथ डीएनए में क्षति की संभावना बढ़ती है, जिससे आनुवंशिक समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। हार्मोनल बदलाव और जीवनशैली भी पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं।

जीवनशैली और तनाव का प्रभाव
पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर लाइफस्टाइल का भी बड़ा असर होता है। धूम्रपान, शराब, असंतुलित खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव सीधे तौर पर स्पर्म की सेहत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, डायबिटीज, संक्रमण, पर्याप्त नींद न लेना और लैपटॉप को गोद में रखकर काम करना या गर्म पानी से बार-बार नहाना जैसी आदतें भी फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
किन पुरुषों में जल्दी असर दिखाई देता है
अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले पुरुषों में कम उम्र में ही प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, जो पुरुष अधिक शराब पीते हैं, धूम्रपान करते हैं, असंतुलित खान-पान करते हैं या व्यायाम नहीं करते, उनमें स्पर्म की गुणवत्ता जल्दी कमजोर हो सकती है।
बच्चे के लिए जोखिम
अगर पुरुष 40–45 वर्ष की उम्र के बाद पिता बनते हैं, तो बच्चे में कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। उम्र बढ़ने के कारण स्पर्म की क्षमता कमजोर हो जाती है और डीएनए डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे ऑटिज्म, सिज़ोफ्रेनिया और जन्मजात दोष (birth defects) का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि कुल मिलाकर यह जोखिम कम ही होता है, लेकिन जागरूक रहना जरूरी है।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने के उपाय
पुरुष अपनी फर्टिलिटी को बेहतर बनाने के लिए कुछ आसान और प्रभावी कदम उठा सकते हैं स्वस्थ वजन बनाए रखें और संतुलित आहार लें। नियमित व्यायाम करें और तनाव से दूर रहें। धूम्रपान, शराब और नशीली दवाओं का सेवन न करें। पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें।
टेस्टिस को अधिक गर्मी से बचाएं। हानिकारक रसायनों और पर्यावरणीय प्रदूषण से सुरक्षित रहें।
फैमिली प्लानिंग के समय ध्यान रखें ये बातें
पुरुषों को फैमिली प्लानिंग करते समय अपनी उम्र, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति का सही आकलन करना चाहिए। जब ये सभी पहलू स्पष्ट हों, तब विशेषज्ञ की सलाह लेकर परिवार की शुरुआत करना सबसे सही तरीका है।