नारी डेस्क: कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ और बारिश के बीच भगदड़ मच गई। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।
बारिश और भीड़ के बीच कैसे हुआ हादसा
यह घटना 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 से 7:40 बजे के बीच हुई। उस समय दुर्गा पूजा के कारण पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। बारिश शुरू होने के बाद भीड़ का दबाव बढ़ गया और पंडाल के बाहर निकलने वाले रास्ते के पास अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग भीड़ के दबाव में गिर पड़े और कई लोग बेहोश हो गए। घटना के दौरान पंडाल के एक हिस्से या निकास द्वार को नुकसान पहुंचने की भी खबरें सामने आईं। हालांकि, हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी चूक का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
मौके पर पहुंचीं पुलिस और बचाव टीमें
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन टीम और मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान घायलों को बाहर निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की जानकारी ली। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर काफी भीड़ थी और कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े थे। कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों की मदद से वहां से ले जाते हुए भी देखा गया। हादसे के बाद प्रशासन ने पंडाल में लोगों की एंट्री रोक दी।
CM शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि माइक पर की गई एक घोषणा के बाद लोगों के बीच घबराहट फैल सकती है। हालांकि, इस बात की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल सरकार का ध्यान घायलों को बेहतर इलाज दिलाने और प्रभावित परिवारों की मदद करने पर है।शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों से अपील की कि वे पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि पंडालों में आने-जाने के रास्ते पर्याप्त होने चाहिए और भीड़ को संभालने के लिए सही इंतजाम किए जाने चाहिए।
जांच के लिए बनाई जाएगी कमेटी
मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने की बात कही है। पुलिस को पूजा समिति के सदस्यों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले लोगों से पूछताछ करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को भी कहा गया है, ताकि घटना के समय की स्थिति को समझा जा सके। जांच में फोरेंसिक टीम और फायर ब्रिगेड की मदद भी ली जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि भीड़ अचानक क्यों बढ़ी, बाहर निकलने के रास्ते पर क्या हुआ और सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी तो नहीं थी। हादसे के बाद चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के जनरल सेक्रेटरी और अन्य पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की खबर भी सामने आई है।
दूसरे पूजा पंडालों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई
चोरबागान हादसे के बाद प्रशासन ने दूसरे भीड़भाड़ वाले पूजा पंडालों में भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। खबरों के मुताबिक, कुछ अन्य पंडालों में भी श्रद्धालुओं की एंट्री अस्थायी रूप से रोकी गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे चोरबागान इलाके में जाने से बचें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। पूजा समितियों को भी प्रवेश और निकास के रास्तों की जांच करने तथा भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रपति, PM मोदी और अमित शाह ने जताया दुख
दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दुख जताया। उन्होंने जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बात की और घटना की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही। अमित शाह ने अपने अगले दिन के कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने भी हादसे पर दुख जताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
ममता बनर्जी ने भी जताया दुख
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि घटना की खबर सुनकर वह स्तब्ध हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की और मृतकों के परिवारों को इस मुश्किल समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की। TMC विधायक कुणाल घोष ने भी हादसे को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे जरूरी घायलों को बचाना और गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज कराना है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करने की अपील की। साथ ही, पूजा घूमने निकले लोगों से चोरबागान की ओर नहीं जाने को कहा।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने लोगों की मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हादसे से जुड़ी जानकारी लेने या मदद के लिए लोग 18003455678 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन की जांच जारी है। अब यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं और हादसे को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते थे।