
नारी डेस्क: विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में कम उम्र में जुए की लत लगने का खतरा बढ़ रहा है और इस समस्या से निपटने के लिए सरकार को जुए के विज्ञापनों और उद्योग पर कड़े नियंत्रण लगाने के साथ-साथ परिवारों को भी बच्चों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना होगा। शोधकर्ताओं ने कहा कि 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं पर विशेष रूप से जुए की लत का जोखिम है। नियमित रूप से 'पोकी' (पोकर मशीन) और ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाले इस आयु वर्ग के लगभग 90 प्रतिशत लोगों को आर्थिक नुकसान, रिश्ते टूटने और अन्य गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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जुए से होता है आर्थिक और मानसिक नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार, पोकर मशीन और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे जुए के कुछ स्वरूप अन्य की तुलना में अधिक नुकसानदेह हैं और इनसे लत लगने की आशंका अधिक रहती है। जुए से होने वाला सबसे आम नुकसान आर्थिक होता है। अध्ययन में कहा गया है कि जुआ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। इससे पछतावा, अपराधबोध, शर्म और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसका संबंध अवसाद और चिंता जैसे मानसिक रोगों से भी पाया गया है। शोध के अनुसार, जुआ आत्महत्या के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जुए का असर केवल जुआ खेलने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, जीवनसाथी, मित्रों और यहां तक कि कार्यस्थल पर भी पड़ता है। माता-पिता में जुए की लत का संबंध पारिवारिक हिंसा, वैवाहिक विवाद, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और उनकी उपेक्षा से भी जोड़ा गया है।
बचपन में जुए की आदत पड़ना बेहद खतरनाक
अध्ययन में कहा गया है कि जुए की लत ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति नुकसान होने के बावजूद जुआ खेलने की तीव्र इच्छा पर नियंत्रण नहीं रख पाता। शोधकर्ताओं ने कहा कि बचपन में जुए के संपर्क में आने से वयस्क होने पर जुआ संबंधी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। जितनी कम उम्र में कोई व्यक्ति जुआ खेलना शुरू करता है, उसके लती बनने की संभावना उतनी अधिक होती है। अध्ययन के अनुसार, स्मार्टफोन और ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते चलन ने जुए को घर-घर तक पहुंचा दिया है। इससे युवा बिना किसी कैसीनो या जुआ केंद्र में गए और कई बार परिवार की जानकारी के बिना भी जुआ खेलना शुरू कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, किशोरावस्था में मस्तिष्क के विकास की प्रक्रिया के कारण जोखिम उठाने की प्रवृत्ति अधिक होती है।
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माता पिता क्या कर सकते हैं?
परिवारों को बच्चों के साथ खेलों को मनोरंजन के रूप में देखने पर जोर देना चाहिए, जुए को खेल का स्वाभाविक हिस्सा नहीं मानना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन जुआ वेबसाइटों तक पहुंच रोकने वाले डिजिटल साधनों का उपयोग करना चाहिए। रात साढ़े आठ बजे के बाद खेल प्रसारण देखने से बचें क्योंकि इस समय के बाद मौजूदा और प्रस्तावित प्रावधानों के तहत जुए के विज्ञापन प्रसारित किए जा सकते हैं। आपके बच्चे द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों पर जुए के खेल तक पहुंच या भुगतान को प्रतिबंधित करने वाले ऑनलाइन टूल्स का इस्तेमाल करें ।