
नारी डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए निचली अदालत के फैसले को सही माना है। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी सजा में आंशिक राहत देते हुए छह महीने की सजा को घटाकर तीन महीने की साधारण कैद कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर किए गए कई चेक बाउंस मामलों से जुड़ा है। राजपाल यादव और अन्य ने इन मामलों में अपनी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली हाई कोर्ट की एकल पीठ ने कहा कि मामले के दौरान अभिनेता को समझौते की राशि जमा करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे तय समय-सीमा का पालन नहीं कर सके। अदालत ने उनके बदलते रुख और बार-बार दिए गए आश्वासनों का पालन न करने पर नाराजगी भी जताई।
जुर्माना भी भरना होगा
अदालत ने अभिनेता को सभी मामलों में निर्धारित जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि उनके द्वारा पहले जमा की गई राशि को अंतिम भुगतान में समायोजित किया जाएगा। राहत की बात यह रही कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, जिससे उन्हें अलग-अलग सजा नहीं भुगतनी होगी।
प्रोबेशन का अनुरोध खारिज
राजपाल यादव ने प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत राहत देने की मांग भी की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट का कहना था कि मामले के दौरान उनका रवैया राहत देने योग्य नहीं था।
पहले भी जाना पड़ा था जेल
इस मामले में इससे पहले भी राजपाल यादव को अदालत के आदेश के बाद जेल जाना पड़ा था। बाद में उन्हें अंतरिम राहत मिली और वे कुछ समय के लिए बाहर आए, लेकिन बकाया राशि और कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मामला जारी रहा। अब हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं।