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मानसून में भूलकर भी न जाएं इन जगहों पर, लैंडस्लाइड और भारी बारिश बना सकते हैं सफर मुश्किल

  • Edited By Monika,
  • Updated: 09 Jul, 2026 04:02 PM
मानसून में भूलकर भी न जाएं इन जगहों पर, लैंडस्लाइड और भारी बारिश बना सकते हैं सफर मुश्किल

नारी डेस्क : मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी हवाएं और खूबसूरत नजारे लेकर आता है। यही वजह है कि इस मौसम में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों और हिल स्टेशनों का रुख करते हैं। लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में भूस्खलन (Landslide), बाढ़, सड़क धंसने और जलभराव जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में कुछ पर्यटन स्थलों की यात्रा फिलहाल टालना ही समझदारी हो सकती है। अगर आप मानसून में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों का मौसम और प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांच लें।

लोनावला और खंडाला, महाराष्ट्र

मानसून के दौरान लोनावला और खंडाला की खूबसूरती देखने लायक होती है, लेकिन यही मौसम यहां सबसे ज्यादा जोखिम भी लेकर आता है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा गिरने और जलभराव की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार ट्रैफिक घंटों तक प्रभावित रहता है। ऐसे में मौसम सामान्य होने तक यहां की यात्रा टालना बेहतर हो सकता है।

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तीर्थन वैली, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत तीर्थन वैली बारिश के मौसम में बेहद आकर्षक दिखाई देती है, लेकिन लगातार बारिश के कारण यहां भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। लारजी-सैंज मार्ग और चंबा-तीसा रोड जैसे रास्तों पर चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में यात्रा से पहले सड़क की स्थिति और मौसम की जानकारी जरूर लें।

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डोडा और किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिले मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाओं के कारण प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देता है। यदि यहां जाने की योजना है, तो पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर देखें।

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वायनाड, केरल

वायनाड मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है, लेकिन भारी बारिश के दौरान कुछ इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। खासकर चूरलमाला और मीनाक्षी क्षेत्र के आसपास संवेदनशील परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

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गंगोत्री, उत्तराखंड

गंगोत्री धाम जाने वाला मार्ग मानसून के दौरान कई बार भूस्खलन से प्रभावित हो जाता है। भारी बारिश के कारण हाईवे पर मलबा आने और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे यात्रा बाधित हो सकती है। यदि आप गंगोत्री जाने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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मानसून में यात्रा के दौरान रखें ये सावधानियां

यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनी और पूर्वानुमान जरूर देखें।
स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचें।
वाहन में फर्स्ट-एड किट, टॉर्च, पावर बैंक और जरूरी दवाइयां साथ रखें।
तेज बारिश या सड़क बंद होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकें और जल्दबाजी में आगे बढ़ने की कोशिश न करें।

मानसून में घूमने का अनुभव यादगार हो सकता है, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले है। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश, भूस्खलन या बाढ़ की चेतावनी जारी हो, तो यात्रा स्थगित करना ही बेहतर फैसला है। मौसम सामान्य होने के बाद ही ऐसी जगहों की यात्रा करें, ताकि आपका सफर सुरक्षित और आनंददायक रहे।
 

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