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Nari

ताऊ के साथ मिलकर बेटी ने दी अपनी विधवा मां की सुपारी, सरकारी नौकरी के लिए बन गई जल्लाद

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 10 Jul, 2026 04:57 PM
ताऊ के साथ मिलकर बेटी ने दी अपनी विधवा मां की सुपारी, सरकारी नौकरी के लिए बन गई जल्लाद

नारी डेस्क: जयपुर में शुरू में जो सड़क हादसा जानलेवा लग रहा था, वह अब कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (पैसे देकर हत्या करवाने) की जांच में बदल गया है। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें पीड़ित की बेटी भी शामिल है। आरोप है कि नीरज शर्मा को जान-बूझकर एक SUV से कुचला गया था, जिसे एक हादसे का रूप दिया गया था। आरोपी बेटी ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर 7 लाख रुपये की सुपारी देकर अपनी मां  की हत्या करवा दी।


मां की नाैकरी चाहती थी बेटी

नीरज शर्मा जयपुर की एक अदालत में लोअर डिवीज़न क्लर्क (LDC) के तौर पर काम करती थीं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें यह सरकारी नौकरी उनके पति विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद 'कम्पैशनेट अपॉइंटमेंट' (परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद मिलने वाली नौकरी) के तहत मिली थी। जांच करने वालों का आरोप है कि उनकी बेटी आयुषी शर्मा भी नौकरी से मिलने वाले इसी फ़ायदे को पाना चाहती थी और पारिवारिक संपत्ति को लेकर भी विवाद चल रहा था। आरोप है कि उसने उसने कथित तौर पर पिता के बड़े भाई और उनके बेटे  को करीब 10 करोड़ रुपये की कीमत की जमीन देने का वादा किया था


 3 जुलाई को हुआ हादसा

पुलिस ने बताया कि शर्मा 3 जुलाई को जयपुर के प्रताप नगर इलाके में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में अपने बेटे को छोड़ने के बाद घर लौट रही थीं। शाम करीब 4:45 बजे, एक स्कॉर्पियो SUV ने उन्हें तेज़ रफ़्तार से टक्कर मारी। जांच करने वालों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह लगभग 100 फ़ीट दूर जा गिरीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में इस घटना को सड़क दुर्घटना माना गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों से शक पैदा हुआ कि यह टक्कर जान-बूझकर कराई गई हो सकती है। जांच करने वालों के मुताबिक, यह साज़िश इस तरह रची गई थी कि नीरज शर्मा की मौत एक आम सड़क दुर्घटना लगे।


इस साजिश में कई लोगों का हाथ

 पुलिस का आरोप है कि आयुषी शर्मा ने हत्या को अंजाम देने के लिए कई अन्य लोगों के साथ मिलकर साज़िश रची। जांच करने वालों का दावा है कि आरोपियों ने स्कॉर्पियो SUV से हमला करने से पहले नीरज शर्मा की रोज़ाना की गतिविधियों पर नज़र रखी थी।  हत्या को अंजाम देने के लिए करीब 7 लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ़्तार किया है। वारदात में शामिल आयुषी का चचेरा भाई बलराम घटना के बाद से ही फरार है. पुलिस उसे भी पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। 
 

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