नारी डेस्क : गर्मियों के मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं। इस दौरान पेट दर्द, उल्टी, दस्त, गैस और कमजोरी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। इसकी एक बड़ी वजह फूड पॉइजनिंग है। बढ़ते तापमान के कारण भोजन में बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे खाना दूषित हो सकता है। ऐसे भोजन का सेवन करने पर फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं फूड पॉइजनिंग के मामले?
गर्मी के मौसम में उच्च तापमान और नमी बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। यदि भोजन को लंबे समय तक बाहर रखा जाए या सही तापमान पर स्टोर न किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से विकसित हो सकते हैं। यही कारण है कि गर्मियों में फूड पॉइजनिंग के मामले अधिक देखने को मिलते हैं।

फूड पॉइजनिंग के मुख्य कारण
खराब भोजन : फूड पॉइजनिंग का सबसे आम कारण दूषित भोजन होता है। खराब या संक्रमित भोजन में मौजूद बैक्टीरिया पेट में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं, जिससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
खराब पानी: गंदा या संक्रमित पानी भी फूड पॉइजनिंग का बड़ा कारण है। ऐसे पानी में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस शरीर में पहुंचकर पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।
खाने को गलत तरीके से स्टोर करना
यदि भोजन को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा जाए या सही तरीके से फ्रिज में स्टोर न किया जाए, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यही बैक्टीरिया बाद में फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।

फूड पॉइजनिंग से बचने के आसान उपाय
फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं: खाने से पहले फलों और सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है। इससे उनकी सतह पर मौजूद गंदगी, कीटनाशक और बैक्टीरिया हटाने में मदद मिलती है।
खाना बनाने से पहले हाथ साफ करें: भोजन तैयार करने से पहले हाथों को साबुन से कम से कम 20 से 30 सेकंड तक धोना चाहिए। साफ हाथ संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को भोजन तक पहुंचने से रोकते हैं।
खाने को ज्यादा समय तक स्टोर न करें: हर खाद्य पदार्थ की एक सीमित शेल्फ लाइफ होती है। भोजन को जरूरत से ज्यादा समय तक स्टोर करने से उसके खराब होने और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ताजा भोजन खाना सबसे सुरक्षित माना जाता है।
कच्चा दूध पीने से बचें: बिना उबाले या बिना पाश्चराइज किया हुआ दूध कई तरह के बैक्टीरिया का स्रोत हो सकता है। इसलिए दूध को हमेशा अच्छी तरह उबालकर या पाश्चराइज्ड (Pasteurized) दूध का ही सेवन करें।

बाहर का खुला खाना खाने से बचें: सड़क किनारे या लंबे समय तक खुले में रखा भोजन धूल, गंदगी और बैक्टीरिया के संपर्क में आ सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थ फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ा सकते हैं।
गर्मियों में फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ताजा भोजन खाएं, खाने को लंबे समय तक स्टोर करने से बचें, साफ पानी पिएं और हाथों की स्वच्छता बनाए रखें। ये छोटी-छोटी सावधानियां आपको पेट संबंधी समस्याओं और फूड पॉइजनिंग से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं।