नारी डेस्क : विटामिन सी (Vitamin C) हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह न केवल इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करता है, बल्कि त्वचा, हड्डियों, मसूड़ों और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। क्योंकि शरीर विटामिन सी को स्टोर नहीं कर सकता, इसलिए इसकी जरूरत रोजाना भोजन के जरिए पूरी करनी पड़ती है। यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी नहीं मिलता, तो कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं जिन्हें अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
लगातार थकान और कमजोरी
अगर बिना ज्यादा काम किए भी आपको हर समय थकान महसूस होती है और शरीर में ऊर्जा की कमी रहती है, तो यह विटामिन सी की कमी का संकेत हो सकता है। यह विटामिन शरीर में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

बार-बार बीमार पड़ना
विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। इसकी कमी होने पर सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियां बार-बार हो सकती हैं क्योंकि शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है।
घावों का देर से भरना
यदि चोट लगने या कटने के बाद घाव सामान्य से अधिक समय तक ठीक नहीं होता, तो इसके पीछे विटामिन सी की कमी हो सकती है। यह कोलेजन बनाने में मदद करता है, जो ऊतकों की मरम्मत के लिए जरूरी है।
मसूड़ों से खून आना
ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना, सूजन होना या मसूड़ों का कमजोर होना विटामिन सी की कमी का सामान्य लक्षण है। लंबे समय तक कमी रहने पर दांतों से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

त्वचा का रूखा और बेजान होना
विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर त्वचा रूखी, खुरदरी और बेजान दिखाई दे सकती है। साथ ही समय से पहले झुर्रियां भी नजर आने लगती हैं।
शरीर पर आसानी से नील पड़ना
अगर हल्की चोट लगने पर भी शरीर पर नीले या बैंगनी निशान बन जाते हैं, तो यह कमजोर रक्त वाहिकाओं का संकेत हो सकता है, जो अक्सर विटामिन सी की कमी से जुड़ा होता है।
बालों का कमजोर होना
विटामिन सी की कमी बालों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इससे बाल पतले, रूखे और दोमुंहे होने लगते हैं तथा बाल झड़ने की समस्या भी बढ़ सकती है।
जोड़ों में दर्द और सूजन
विटामिन सी कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जो जोड़ों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसकी कमी से जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न महसूस हो सकती है।

आयरन की कमी से एनीमिया
विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है। इसकी कमी होने पर आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन
विटामिन सी मस्तिष्क में कुछ महत्वपूर्ण रसायनों के निर्माण में भी मदद करता है। इसकी कमी से चिड़चिड़ापन, तनाव, उदासी और मूड स्विंग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।
विटामिन सी की कमी से बचने के लिए क्या खाएं?
विटामिन सी की जरूरत पूरी करने के लिए अपने आहार में संतरा, मौसंबी, नींबू, आंवला, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अमरूद, शिमला मिर्च, टमाटर, ब्रोकली और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। संतुलित आहार के जरिए अधिकांश लोग अपनी दैनिक विटामिन सी की आवश्यकता आसानी से पूरी कर सकते हैं।
विटामिन सी की कमी के लक्षण शुरुआत में मामूली लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक इन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यदि आपको इनमें से कई लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर अपने आहार और जीवनशैली में जरूरी बदलाव करना बेहतर रहेगा।