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सावन शुरू होने से पहले घर ले आएं ये 11 शुभ चीजें, मान्यता है कि बनी रहती है भोलेनाथ की कृपा

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 18 Jul, 2026 05:23 PM
सावन शुरू होने से पहले घर ले आएं ये 11 शुभ चीजें, मान्यता है कि बनी रहती है भोलेनाथ की कृपा

 नारी डेस्क: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने श्रद्धालु व्रत, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव भक्ति भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि सावन शुरू होने से पहले कुछ शुभ और पूजनीय वस्तुएं घर में लाई जाएं, तो घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है। माना जाता है कि इससे परिवार पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।

रुद्राक्ष

रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रिय माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, घर में असली रुद्राक्ष रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों पर शिव कृपा बनी रहती है। इसे घर के पूजा स्थान में रखना शुभ माना जाता है।

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पारद शिवलिंग

सावन से पहले घर में पारद शिवलिंग स्थापित करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसकी नियमित पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और वास्तु संबंधी दोष कम होते हैं।

 डमरू, त्रिशूल

भगवान शिव के प्रिय वाद्य यंत्र डमरू को भी शुभता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है। तांबे या चांदी का छोटा त्रिशूल घर के मंदिर या मुख्य द्वार के पास रखा जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह घर को नकारात्मक शक्तियों से बचाने का प्रतीक माना जाता है।

चांदी, तांबे या पीतल का बेलपत्र, तांबे का पात्र

सावन में भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व है। यदि रोज ताजा बेलपत्र उपलब्ध न हो, तो श्रद्धालु चांदी, तांबे या पीतल से बना बेलपत्र भी पूजा में उपयोग कर सकते हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक तांबे के लोटे से करना शुभ माना जाता है। इसलिए सावन शुरू होने से पहले तांबे का पात्र घर में लाना धार्मिक दृष्टि से अच्छा माना जाता है।

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गंगाजल, भस्म या विभूति

गंगाजल को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। सावन में शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करने की परंपरा है। कई लोग घर में गंगाजल रखने को भी शुभ मानते हैं। भगवान शिव के श्रृंगार में भस्म का विशेष स्थान है। पूजा घर में थोड़ी-सी विभूति रखने और पूजा के दौरान उसका प्रयोग करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है।

बेलपत्र का पौधा, चांदी का कड़ा, नंदी भगवान की प्रतिमा

यदि घर में पर्याप्त स्थान हो तो बेलपत्र का पौधा लगाया जा सकता है। इससे पूजा के लिए ताजे बेलपत्र भी मिलते हैं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे शुभ माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में चांदी के कड़े को भी शुभ माना गया है। इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने की मान्यता है। भगवान शिव के वाहन नंदी की प्रतिमा को शिवलिंग के साथ रखना शुभ माना जाता है। यदि चांदी की प्रतिमा संभव न हो तो तांबे, पीतल या पत्थर की नंदी प्रतिमा भी स्थापित की जा सकती है।

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यदि ये सभी चीजें लाना संभव न हो तो क्या करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में भावना का विशेष महत्व होता है। यदि किसी कारणवश इन सभी वस्तुओं को घर लाना संभव न हो, तो पूजा के समय भगवान शिव का ध्यान करते हुए मन ही मन उन्हें अर्पित करने का भाव भी रखा जा सकता है। शास्त्रों में मानसिक पूजा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। ये सभी बातें धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इन मान्यताओं को मानना या न मानना प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत श्रद्धा और विश्वास पर निर्भर करता है।
  
 
 

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