
नारी डेस्क: पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ ने मंगलवार को कहा कि "संसद चलो" मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई गलत थी और ज़ोर देकर कहा कि सरकार को छात्रों की मांग सुननी चाहिए, साथ ही यह भी माना कि उन्हें एक बार फिर "राष्ट्र-विरोधी" कहा जा सकता है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के "संसद चलो" विरोध-प्रदर्शन के तहत, सोमवार को हज़ारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने के लिए इकट्ठा हुए, लेकिन पुलिस ने उन पर आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया।

दिलजीत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर पंजाबी में लिखा- "आज जो हुआ वह बहुत गलत था। छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था। मैं अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे छात्रों की मांगें सुनें। लोगों की आवाज़ ही ईश्वर की आवाज़ है।" अभिनेता ने उस आलोचना और कानूनी दिक्कतों को भी याद किया जिनका सामना उन्हें 2020-2021 में साल भर चले किसान आंदोलन का समर्थन करने पर करना पड़ा था। एक्टर ने आगे कहा- "मुझे पहले भी कई बार 'राष्ट्र-विरोधी' कहा जा चुका है। अभी भी, मुझे पता है कि मुझे फिर से राष्ट्र-विरोधी कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे बहुत आलोचना और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में मैं अभी भी बात नहीं कर सकता। बाकी, भगवान सब देख रहे हैं। बाबा सभी पर कृपा करें" ।
इस महीने की शुरुआत में दिलजीत ने CJP के विरोध-प्रदर्शन से खुद को अलग कर लिया था और कहा था कि वह एक कलाकार हैं, राजनेता नहीं। उन्होंने कहा था- "मुझे इन सब से दूर रखो... भाई, मैं एक आर्टिस्ट हूं। मैं कोई नेता नहीं हूं मुझे नहीं पता कि तुम मुझे क्या समझते हो,"। CJP, जो पेपर लीक और परीक्षा सिस्टम में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन है - जिसकी शुरुआत भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी से हुई थी जिसमें उन्होंने युवाओं को 'कॉकरोच' कहा था - 20 जून से जंतर-मंतर पर चल रहा है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल से इस विरोध-प्रदर्शन को और ज़ोर मिला। इस आंदोलन को शबाना आज़मी, ज़ीनत अमान, प्रकाश राज, अनुराग कश्यप, सोनाक्षी सिन्हा, किरण राव और वीर दास जैसी मशहूर हस्तियों का समर्थन मिला है।