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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CJP चीफ अभिजीत दिपके का पहला रिएक्शन, कही ये बड़ी बात

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 25 Jul, 2026 04:05 PM
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CJP चीफ अभिजीत दिपके का पहला रिएक्शन, कही ये बड़ी बात

नारी डेस्क:  NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के लंबे विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे छात्रों के आंदोलन की बड़ी जीत बताया।

"इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जनता ने कर दिखाया"

अभिजीत दिपके ने कहा कि अक्सर यह कहा जाता था कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं देता, लेकिन छात्रों और युवाओं ने यह धारणा बदल दी। उन्होंने कहा, "अगर लोग डरें नहीं और अपनी आवाज मजबूती से उठाएं, तो बदलाव संभव है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना जरूरी है।" दिपके ने यह भी कहा कि जनता की एकजुटता से सरकार को जवाब देना पड़ता है और यही लोकतंत्र की ताकत है।

'कॉकरोच' वाले बयान से फिर बटोरी सुर्खियां

अपने बयान के दौरान अभिजीत दिपके ने अपनी पार्टी के नाम का जिक्र करते हुए कहा कि "कॉकरोच अगर एक बार कहीं घुस जाए तो आसानी से बाहर नहीं निकलता।" उन्होंने इस टिप्पणी को आंदोलन की निरंतरता से जोड़ते हुए कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी।

छात्रों की ताकत को बताया बदलाव की वजह

दिपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के युवाओं और छात्रों के संघर्ष का परिणाम है। उनके मुताबिक, यह दिखाता है कि लोकतांत्रिक तरीके से किया गया आंदोलन भी प्रभावी साबित हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नजर में लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और कई अन्य मुद्दों पर जवाबदेही तय होना बाकी है।

पुलिस कार्रवाई पर भी उठाई कार्रवाई की मांग

अभिजीत दिपके ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान हुई हर घटना की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि कहीं भी अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो उसकी जांच जरूरी है।

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पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

CJP प्रमुख ने उन परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी की, जिनके बच्चों की मौत इस पूरे विवाद के दौरान हुई। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की और कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने क्यों दिया इस्तीफा

शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया। इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा न की जा सके। उन्होंने अपने इस्तीफा पत्र में यह भी लिखा कि इस पूरे घटनाक्रम से वह व्यक्तिगत रूप से दुखी हैं।

विवाद पर जारी है सियासी और सामाजिक बहस

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे छात्रों के आंदोलन की सफलता मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे सरकार का जिम्मेदारी तय करने वाला कदम बता रहे हैं। फिलहाल NEET पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर बहस जारी है।
  

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