नारी डेस्क : बरसात के मौसम में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच इससे बचाव को लेकर एक बड़ी उम्मीद सामने आई है। जापान की दवा कंपनी टाकेडा की ओर से विकसित क्यूडेंगा नाम की डेंगू वैक्सीन कई देशों में इस्तेमाल के लिए स्वीकृत हो चुकी है। भारत में भी इसे उपलब्ध कराने की दिशा में तैयारी चल रही है। हालांकि, फिलहाल इस QDENGA वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में इसके बाजार में आने की निश्चित तारीख बताना अभी संभव नहीं है।
क्या है क्यूडेंगा वैक्सीन?
क्यूडेंगा डेंगू से बचाव के लिए विकसित की गई एक वैक्सीन है। इसे डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकारों के खिलाफ सुरक्षा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे कई देशों में इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है। इस वैक्सीन को जापान की दवा कंपनी टाकेडा ने विकसित किया है। वर्ष 2022 में इसे सबसे पहले इंडोनेशिया में मंजूरी मिली थी। इसके बाद कई अन्य देशों में भी इसके इस्तेमाल को स्वीकृति दी गई।

भारत में वैक्सीन लाने की तैयारी
भारत में क्यूडेंगा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए टाकेडा ने भारतीय दवा कंपनी बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में वैक्सीन के उत्पादन की क्षमता बढ़ाना और इसकी आपूर्ति को आसान बनाना है। हालांकि, किसी वैक्सीन का देश में उत्पादन या उपलब्ध कराने की तैयारी होना और उसके इस्तेमाल की सरकारी मंजूरी मिलना दो अलग-अलग बातें हैं। क्यूडेंगा को भारत में इस्तेमाल के लिए नियामकीय मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
डेंगू से बचाव में क्यों अहम है यह वैक्सीन?
डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। इसके चार प्रमुख प्रकार माने जाते हैं। कुछ मामलों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है और मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है। क्यूडेंगा को डेंगू के चारों प्रमुख प्रकारों के खिलाफ सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके चिकित्सकीय परीक्षणों में डेंगू संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने से जुड़े सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। हालांकि, वैक्सीन का प्रभाव व्यक्ति और परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।

क्या वैक्सीन आने से डेंगू पूरी तरह खत्म हो जाएगा?
ऐसा कहना सही नहीं होगा। वैक्सीन डेंगू से बचाव का एक अतिरिक्त माध्यम हो सकती है, लेकिन केवल वैक्सीन के सहारे डेंगू को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की संख्या कम करना भी उतना ही जरूरी है। घर और आसपास पानी जमा न होने देना, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखना, मच्छरों से बचाव के उपाय करना और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।
भारत में कब तक मिल सकती है क्यूडेंगा?
भारत में क्यूडेंगा के इस्तेमाल के लिए अभी संबंधित नियामकीय प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। इसलिए फिलहाल इसकी निश्चित उपलब्धता की तारीख बताना उचित नहीं होगा। यदि सभी आवश्यक मंजूरियां समय पर मिलती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत में इसके उपलब्ध होने का रास्ता साफ हो सकता है। लेकिन इसे भारत की पहली स्वीकृत डेंगू वैक्सीन या निश्चित रूप से वर्ष 2027 में उपलब्ध होने वाली वैक्सीन कहना अभी सही नहीं होगा।

डेंगू से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
डेंगू से बचने के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने बर्तन, टायर और ऐसी जगहों की नियमित सफाई करें, जहां पानी जमा हो सकता है। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव के लिए उचित उपाय करें। अगर तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में तेज दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सक से सलाह लें।
नोट: क्यूडेंगा की भारत में उपलब्धता और इस्तेमाल से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए देश की संबंधित नियामकीय संस्था और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक घोषणा को ही मानें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है।