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क्या आप भी सोते समय पीसते हैं दांत? जान लें इसकी वजह

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 19 Sep, 2026 10:17 AM
क्या आप भी सोते समय पीसते हैं दांत? जान लें इसकी वजह

नारी डेस्क:  क्या आपके घर में किसी ने कभी कहा है कि आप सोते समय दांत पीसते हैं? अगर हां, तो इसे सिर्फ एक छोटी-सी आदत समझकर नजरअंदाज न करें। कई लोगों को खुद पता ही नहीं चलता कि रात में सोते समय उनके दांत आपस में रगड़ रहे हैं या जबड़ा लगातार कसा हुआ है। मेडिकल भाषा में इसे ब्रुक्सिज्म (Bruxism) कहा जाता है। यह समस्या बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकती है। कभी-कभार हल्का दांत पीसना बड़ी चिंता की बात नहीं होती, लेकिन अगर यह लगातार और तेज हो रहा है तो इससे दांतों और जबड़े पर दबाव पड़ सकता है। समय के साथ दांत घिसने, उनमें संवेदनशीलता बढ़ने, दर्द या यहां तक कि दांतों में दरार जैसी परेशानी भी हो सकती है।

आखिर नींद में दांत क्यों पीसते हैं?

ब्रुक्सिज्म की कोई एक तय वजह नहीं होती। कई अलग-अलग कारण इसके पीछे हो सकते हैं। तनाव और चिंता को इससे जुड़े आम कारणों में माना जाता है। दिनभर की टेंशन या मानसिक दबाव का असर कई बार रात की नींद के दौरान जबड़े की मांसपेशियों पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों में नींद से जुड़ी परेशानियां, जैसे खर्राटे या स्लीप एपनिया, भी दांत पीसने से जुड़ी हो सकती हैं। अगर परिवार में किसी को ब्रुक्सिज्म की समस्या रही है तो दूसरे सदस्यों में भी इसकी संभावना बढ़ सकती है।कुछ मामलों में ज्यादा कैफीन का सेवन, धूम्रपान और कुछ दवाओं का इस्तेमाल भी इसके जोखिम से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अगर आपको लगता है कि किसी दवा के बाद यह समस्या शुरू हुई है तो दवा खुद से बंद न करें। डॉक्टर से बात करके ही कोई बदलाव करें।

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कैसे पता चलेगा कि आप रात में दांत पीसते हैं?

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सोते समय दांत पीसने वाले व्यक्ति को अक्सर इसका पता ही नहीं चलता। कई बार घर में सोने वाला कोई दूसरा व्यक्ति दांतों के रगड़ने की आवाज सुनकर इसके बारे में बताता है। इसके अलावा सुबह उठने के बाद शरीर कुछ संकेत दे सकता है। जैसे

जबड़े में दर्द या जकड़न महसूस होना
जबड़े की मांसपेशियों में थकान या खिंचाव
सुबह उठते ही सिरदर्द होना
दांतों में ठंडा या गर्म लगने पर झनझनाहट होना
दांतों का धीरे-धीरे घिसना
दांतों में दर्द या संवेदनशीलता बढ़ना
लंबे समय तक समस्या रहने पर दांतों में दरार या टूटने की परेशानी अगर इनमें से कई लक्षण बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो दांत पीसने की समस्या की जांच कराना ठीक रहेगा।

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लंबे समय तक दांत पीसने से क्या नुकसान हो सकता है

जबड़े को बार-बार कसने और दांतों को रगड़ने से दांतों पर लगातार दबाव पड़ता है। हल्की समस्या में शायद कोई बड़ा नुकसान न हो, लेकिन लंबे समय तक तेज ब्रुक्सिज्म रहने पर दांतों की ऊपरी परत घिस सकती है। कुछ लोगों में दांत ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं और खाने-पीने के दौरान दर्द महसूस हो सकता है। तेज ब्रुक्सिज्म के मामलों में दांतों में चिप या दरार आने का खतरा भी हो सकता है। इसके साथ ही जबड़े की मांसपेशियों में लगातार दर्द या जकड़न बनी रह सकती है।

कब डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए

अगर परिवार का कोई सदस्य लगातार बता रहा है कि आप रात में दांत पीसते हैं, या आपको सुबह उठने पर जबड़े में दर्द, सिरदर्द और दांतों में संवेदनशीलता महसूस होती है, तो डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर है। डेंटिस्ट दांतों पर पड़े घिसाव के निशान, दांतों की संवेदनशीलता और जबड़े की मांसपेशियों की स्थिति देखकर ब्रुक्सिज्म का अंदाजा लगा सकते हैं। अगर डॉक्टर को किसी दूसरी नींद से जुड़ी परेशानी का शक होता है, तो जरूरत के अनुसार नींद की जांच की सलाह भी दी जा सकती है।

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क्या दांत पीसने की समस्या का इलाज संभव है

ब्रुक्सिज्म का इलाज हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता। अगर समस्या हल्की है और दांतों को कोई नुकसान नहीं हो रहा है तो हमेशा किसी खास इलाज की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे में पर्याप्त नींद लेना, सोने और जागने का समय नियमित रखना और तनाव कम करने की कोशिश करना मददगार हो सकता है। अगर दांतों को नुकसान पहुंच रहा है तो डेंटिस्ट रात में पहनने के लिए माउथगार्ड की सलाह दे सकते हैं। यह दांतों को आपस में रगड़ने से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है। अगर ब्रुक्सिज्म किसी दूसरी समस्या, जैसे नींद की परेशानी या किसी दवा से जुड़ा हुआ है, तो उसके कारण का पता लगाकर इलाज करना भी जरूरी हो सकता है।

इसलिए अगर कोई बार-बार आपको बता रहा है कि आप नींद में दांत पीसते हैं, तो इसे सिर्फ आदत समझकर छोड़ना सही नहीं है। खासकर दांतों में दर्द, संवेदनशीलता, घिसाव या जबड़े में लगातार दर्द हो रहा हो, तो समय पर डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
  
 
 

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