18 JULTHURSDAY2024 7:38:42 PM
Nari

Parenting Tips: क्यों होती है बच्चों को कैल्शियम की कमी? जानिए इसके कारण

  • Edited By palak,
  • Updated: 29 Jan, 2023 02:14 PM
Parenting Tips: क्यों होती है बच्चों को कैल्शियम की कमी? जानिए इसके कारण

बच्चे सब्जियां, दालें खाने में कई तरह के नखरे दिखाते हैं। लेकिन इन सब्जियों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चे का शरीर कई तरह की बीमारियों से घिर सकता है। विटामिन्स, मिनरल्स, कैल्शियम बच्चों के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। खासकर कैल्शियम बच्चों के दांत और हड्डियां मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन कैल्शियम युक्त पदार्थ का सेवन न करने से बच्चों के शरीर में इसकी कमी हो सकती है। आइए आपको बताते हैं कि बच्चे के शरीर में कैल्शियम की कमी क्यों होती है...

किस वजह से होती है कैल्शियम की कमी? 

बचपन में बच्चों की हड्डियों का निर्माण होता है जिसके लिए उन्हें कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है। परंतु यदि बचपन में ही बच्चे के शरीर में इसकी कमी होने लगे तो उन्हें हड्डियों के रोग हो सकते हैं। इस विटामिन की कमी के कारण बच्चों की हड्डियों का विकास अच्छे से नहीं हो पाता। 

दांत कमजोर होना

यदि बच्चे के शरीर में कैल्शियम की कमी होगी तो उन्हें दांत की समस्याएं हो सकती हैं। दांत गिरने लगते हैं उनकी जड़ें भी कमजोर हो सकती हैं। इसके अलावा मसूड़ों में भी दर्द रह सकता है। 

PunjabKesari

नाखून टूटना 

कैल्शियम की कमी का प्रभाव बच्चे के नाखूनों पर भी पड़ता है, जिसके कारण बच्चों के नाखून टूटने लगते हैं। टूटने के अलावा बच्चे के नाखून कमजोर भी होने लगते हैं। इसके अलावा बच्चे के नाखूनों में भी दर्द हो सकता है। 

हड्डियां कमजोर पड़ना 

कैल्शियम हड्डियों के लिए भी बहुत ही जरुरी होता है। ऐसे में यदि बच्चे के शरीर में कैल्शियम की कमी होती है तो उनकी हड्डियां भी प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा बच्चों को हड्डियों से संबंधी रोग भी हो सकते हैं। 

कैल्शियम की कमी के लक्षण 

. मांसपेशियों में ऐंठन रहना 

PunjabKesari
. त्वचा में रुखापन होना 
. हाथ और पैरों की उंगलियां सुन होना 

कैसे करें कमी दूर? 

आप बच्चों की डाइट का ध्यान रखकर उनके शरीर में से कैल्शियम की कमी दूर कर सकते हैं। बादाम, ब्रोकली, बीन्स, हरे मटर, दालें, तिल,  ड्राई फ्रूट्स, हरी सब्जियां शामिल कर सकते हैं। पौष्टिक आहार का सेवन करने से बच्चों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन और पोषण मिलता है। इससे उन्हें किसी तरह का रोग भी होने की संभावना नहीं रहती। 

PunjabKesari

Related News