नारी डेस्क: आजकल हेल्थ और फिटनेस से जुड़े लोगों के बीच ब्लूबेरी को एक सुपरफूड के तौर पर काफी पसंद किया जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और फाइबर इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं। हालांकि, इसकी कीमत इतनी ज्यादा होती है कि हर कोई इसे अपनी डाइट का हिस्सा नहीं बना पाता। ऐसे में भारत का एक पारंपरिक और आसानी से मिलने वाला फल जामुन एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। पोषण के मामले में जामुन भी कई मायनों में ब्लूबेरी को टक्कर देता है और इसकी कीमत भी आमतौर पर काफी कम होती है।
ब्लूबेरी की कीमत पहुंच जाती है 500 से 1500 रुपये तक
अगर आप सोशल मीडिया या हेल्थ से जुड़े कंटेंट देखते हैं तो आपने ब्लूबेरी के फायदों के बारे में जरूर सुना होगा। इसे दुनिया के हेल्दी फलों में गिना जाता है, लेकिन इसकी कीमत कई बार इतनी बढ़ जाती है कि रोजाना खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। कई जगहों पर ब्लूबेरी की कीमत करीब 500 से 1500 रुपये प्रति 250 ग्राम तक पहुंच जाती है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ महंगे विदेशी फलों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्थानीय और मौसमी फल भी शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व दे सकते हैं।

जामुन के बैंगनी रंग में छिपे हैं कई फायदे
जामुन का गहरा बैंगनी रंग सिर्फ इसकी खूबसूरती नहीं बढ़ाता, बल्कि इसके पीछे कई स्वास्थ्य लाभ भी छिपे हैं। इसमें एंथोसायनिन (Anthocyanins) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यही तत्व ब्लूबेरी में भी मौजूद होते हैं और उसे उसका गहरा नीला रंग देते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। ये कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक माने जाते हैं। इसी वजह से जामुन और ब्लूबेरी दोनों को हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जाता है।
जामुन में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं
जामुन में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसमें विटामिन C होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए अच्छा माना जाता है। आयरन शरीर में खून बनने की प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है। पोटैशियम हृदय और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में मदद करता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
क्या ब्लूबेरी की जगह जामुन खा सकते हैं
हालांकि जामुन को ब्लूबेरी का बिल्कुल समान विकल्प नहीं कहा जा सकता, क्योंकि दोनों फलों का पोषण प्रोफाइल अलग-अलग होता है। लेकिन दोनों में एंटीऑक्सीडेंट्स और पौधों से मिलने वाले कई लाभकारी तत्व मौजूद होते हैं। अगर ब्लूबेरी आपकी पहुंच से बाहर है या बजट में फिट नहीं बैठती, तो जामुन एक अच्छा और किफायती विकल्प हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम के अनुसार मिलने वाले स्थानीय फलों को डाइट में शामिल करना ज्यादा व्यावहारिक और फायदेमंद हो सकता है।
डायबिटीज के मरीज जामुन खाते समय रखें ध्यान
जामुन को अक्सर डायबिटीज के लिए फायदेमंद फल माना जाता है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इसे जरूरत से ज्यादा खाया जाए। जो लोग डायबिटीज की दवा लेते हैं, उन्हें अधिक मात्रा में जामुन खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। किसी भी फल का ज्यादा सेवन संतुलित आहार का विकल्प नहीं हो सकता।

महंगे सुपरफूड के पीछे भागने से बेहतर है देसी फलों को अपनाना
ब्लूबेरी निश्चित रूप से पोषक तत्वों से भरपूर फल है, लेकिन भारत में मिलने वाले जामुन जैसे मौसमी फल भी सेहत के लिए कई फायदे दे सकते हैं। कम कीमत, आसानी से उपलब्धता और पोषण से भरपूर होने की वजह से जामुन एक ऐसा देसी फल है, जिसे अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।