
नारी डेस्क : आज के दौर में ज्यादातर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि बच्चों को हेल्दी खाना कैसे खिलाया जाए। अक्सर बच्चे घर का पौष्टिक भोजन देखकर मुंह बनाने लगते हैं, जबकि चिप्स, नूडल्स और दूसरे जंक फूड उन्हें तुरंत आकर्षित कर लेते हैं। यही वजह है कि बच्चों में स्वस्थ खानपान की आदत विकसित करना हर पेरेंट के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। लेकिन हाल ही में एक मां की कहानी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें उनके तीन साल के बेटे ने जंक फूड की बजाय खुद फलों को चुनकर सभी को हैरान कर दिया। बच्चे का यह फैसला न सिर्फ उसकी मां, बल्कि हजारों पेरेंट्स का दिल भी जीत रहा है।
बच्चें ने पहली बार चखा जंक फूड
इंस्टाग्राम यूजर सुखलीन अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को तीन साल की उम्र तक प्रोसेस्ड फूड, शुगर और जंक फूड से दूर रखा था। बच्चे के जन्मदिन पर जब वे पहाड़ों पर गए, तो पहली बार उन्होंने उसे नूडल्स और चिप्स ऑफर किए। जब मां ने पूछा, “नूडल्स खाओगे?”, तो बच्चा मासूमियत से बोला, “ये क्या होता है?” इसके बाद उसने पहली बार नूडल्स और चिप्स चखे।

चिप्स-नूडल्स छोड़कर खुद चुने फल
मां के अनुसार, बच्चे ने नूडल्स की सिर्फ एक बाइट ली और प्लेट रख दी। चिप्स भी उसने कुछ पीस खाकर छोड़ दिए। हैरानी की बात यह रही कि किसी ने उसे फल खाने के लिए नहीं कहा, फिर भी वह खुद जाकर फलों की तरफ चला गया और उन्हें खाना पसंद किया। मां का कहना है कि जब बच्चों को शुरुआत से ही हेल्दी और रियल फूड दिया जाता है, तो उनकी बॉडी और दिमाग उसी तरह के खाने की आदत डाल लेते हैं। इसी वजह से उनके बेटे को जंक फूड अब “अजीब या एलियन” जैसा लगता है।
मां की सोच ने जीता दिल
मां ने साफ किया कि उनका मकसद बच्चे को जंक फूड से पूरी तरह दूर रखना नहीं था, बल्कि उसे इतनी समझ देना था कि वह बड़ा होकर खुद सही और गलत खाने का चुनाव कर सके। और यही वजह है कि तीन साल की उम्र में ही बच्चे ने खुद फल चुन लिए।

हर मां को अपने बच्चे की सेहत के लिए शुरुआत से ही पौष्टिक और संतुलित आहार देना चाहिए, ताकि वह हेल्दी खाने की आदत डाल सके और बाहर के जंक फूड से दूर रहे।