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जब रेखा ने इंटिमेट सीन के लिए कहा था 'हां', खुशी से 4 Km नंगे पांव दौड़े थे Shekhar Suman

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 17 Jun, 2026 05:01 PM
जब रेखा ने इंटिमेट सीन के लिए कहा था 'हां', खुशी से 4 Km नंगे पांव दौड़े थे Shekhar Suman

 नारी डेस्क: बॉलीवुड में कई कलाकार ऐसे रहे हैं जिनकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहते थे। इनमें अभिनेत्री रेखा का नाम सबसे ऊपर आता है। 70 और 80 के दशक में रेखा के साथ काम करना किसी भी कलाकार के लिए सपने के सच होने जैसा माना जाता था। ऐसे ही एक सपने के पूरे होने की कहानी अभिनेता शेखर सुमन ने खुद साझा की थी, जब उन्हें अपने करियर की शुरुआत में रेखा के साथ फिल्म करने का मौका मिला था।

पटना से मुंबई तक का सफर और किस्मत का साथ

शेखर सुमन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे पटना से अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे। उस समय वे इंडस्ट्री में बिल्कुल नए थे और मुंबई आए उन्हें महज 15 दिन ही हुए थे। ऐसे में उन्हें यह बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उन्हें किसी बड़ी फिल्म में लीड रोल मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि अभिनेता और निर्माता शशि कपूर ने पहली ही मुलाकात में उन्हें अपनी फिल्म के लिए चुन लिया था। यह मौका उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। शेखर ने मजाकिया अंदाज में शशि कपूर से कहा भी था कि अगर वे मजाक कर रहे हैं तो ऐसा न करें, क्योंकि इतनी खुशी वे शायद संभाल नहीं पाएंगे।

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फिल्म की शूटिंग रेखा की मंजूरी पर थी निर्भर

इस फिल्म में शेखर सुमन के अपोजिट अभिनेत्री रेखा थीं। उस दौर में रेखा इंडस्ट्री की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शुमार थीं। फिल्म में कुछ इंटिमेट सीन भी फिल्माए जाने थे, ऐसे में नए कलाकार होने के कारण शेखर को डर था कि कहीं रेखा उन्हें देखकर फिल्म करने से मना न कर दें। शेखर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले रेखा की मंजूरी बेहद जरूरी थी। उनके बिना अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता था। उन्हें कहा गया था कि वे पृथ्वी थिएटर के बाहर बैठकर इंतजार करें, क्योंकि रेखा वहीं आने वाली थीं।

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जब रेखा ने देखा और बिना कुछ कहे चली गईं

शेखर सुमन ने याद करते हुए बताया कि वे कई दिनों तक पृथ्वी थिएटर के बाहर बैठकर रेखा का इंतजार करते रहे। आखिरकार एक दिन रेखा वहां पहुंचीं। उन्होंने शेखर को गौर से देखा, लेकिन बिना कुछ कहे वहां से चली गईं। उस पल ने शेखर की धड़कनें बढ़ा दी थीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि रेखा की प्रतिक्रिया क्या रही होगी और क्या उन्हें फिल्म में चुना जाएगा या नहीं।

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अगले दिन आया फोन और बदल गई जिंदगी

अगले ही दिन शशि कपूर का फोन आया। उन्होंने शेखर को बताया कि रेखा ने उन्हें फिल्म के लिए मंजूरी दे दी है। यह खबर सुनते ही शेखर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि उस समय उनकी बहन का घर लगभग चार किलोमीटर दूर था और खुशी में वे नंगे पांव ही वहां तक दौड़ पड़े। उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि बॉलीवुड में अपने सपनों की पहली बड़ी उड़ान थी।

आज भी यादगार है यह किस्सा

शेखर सुमन का यह किस्सा बताता है कि बड़े सितारों के साथ काम करने का सपना कलाकारों के लिए कितना मायने रखता है। संघर्ष के दिनों में मिला एक बड़ा अवसर किस तरह किसी की जिंदगी बदल सकता है, इसकी मिसाल शेखर सुमन की यह कहानी आज भी पेश करती है। बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाले शेखर सुमन के लिए रेखा के साथ काम करने का अनुभव केवल पेशेवर उपलब्धि नहीं था, बल्कि उनके संघर्ष और सपनों की सबसे खूबसूरत यादों में से एक बन गया।
  
 

 

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