नारी डेस्क: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में 24 साल की नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। डेढ़ साल पहले बड़े सपनों और खुशियों के साथ दीपिका की शादी हुई थी, लेकिन अब उसकी अचानक हुई मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है। इस घटना के बाद दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं। संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है पुलिस जांच में अब ऐसे कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दीपिका की मौत से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद परिवार का शक और गहरा गया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिले चोट के निशान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दीपिका के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं। हाथ, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट होने की पुष्टि हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ चोटें मौत से पहले की थीं, जिससे शारीरिक प्रताड़ना की आशंका मजबूत हो गई है।अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना से पहले दीपिका के साथ मारपीट किसने की थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
दीपिका के परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार का आरोप है कि दीपिका कई बार परेशान रहती थी, लेकिन रिश्ते और समाज की वजह से वह खुलकर कुछ नहीं कह पाती थी। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी लगातार दबाव में जी रही थी और आखिरकार यह मामला उसकी मौत तक पहुंच गया।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग
मामले में नया खुलासा होने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। दीपिका के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोपियों के घर पर बुलडोजर एक्शन की भी मांग उठाई है। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।

मोबाइल और स्कॉर्पियो अब तक नहीं मिली
परिजनों ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद दीपिका का मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो गाड़ी अब तक बरामद नहीं हो सकी है। परिवार का दावा है कि मोबाइल फोन में कई अहम चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत मौजूद थे, जो मामले की सच्चाई सामने ला सकते थे। ऐसे में उन्हें आशंका है कि सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस को दिया था 72 घंटे का समय
दीपिका के परिवार ने बताया कि उन्होंने पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का समय दिया था। यह समय सीमा रविवार शाम को खत्म हो गई, लेकिन अब तक न तो मोबाइल बरामद हुआ और न ही फरार बताए जा रहे चाचा की गिरफ्तारी हो सकी है। इसको लेकर परिवार में नाराजगी और बढ़ गई है। परिजनों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और जरूरी सामान की बरामदगी नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। स्थानीय लोगों का भी परिवार को समर्थन मिल रहा है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।