
नारी डेस्क: भारतीय सेना की अधिकारी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने 15 अगस्त, 2026 को लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान झंडा फहराने की रस्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करके सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। आधिकारिक समारोह में उनकी मौजूदगी ने उन सैन्य कर्मियों पर ध्यान केंद्रित किया जो स्वतंत्रता दिवस के बेहद व्यवस्थित कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाते हैं। आइए जानते हैं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान के बारे में।

सैन्य प्रोटोकॉल में कैप्टन सोनिया सिंह की अहम भूमिका
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना में एक कमीशन प्राप्त अधिकारी हैं। 15 अगस्त, 2026 को, वह लाल किले पर झंडा फहराने की औपचारिक कार्यवाही में शामिल थीं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में सेना के कड़े प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय ध्वज और समारोह की कार्यवाही के दौरान कर्मियों को खास जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। इसलिए, मोदी के साथ फ़्रेम में कैप्टन सोनिया की मौजूदगी इस कार्यक्रम से जुड़े आधिकारिक सैन्य प्रोटोकॉल में उनकी भूमिका को दिखाती है।

लाल किले पर नारी शक्ति का जलवा
उनकी मौजूदगी को भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी और भारत की 'नारी शक्ति' पहल के सम्मान के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है। भारत के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले राष्ट्रीय समारोहों में से एक के दौरान प्रधानमंत्री के ठीक पीछे खड़ी एक महिला सेना अधिकारी की तस्वीर तेजी से चर्चा का विषय बन गई, खासकर सरकार के 'नारी शक्ति' पर जोर देने और सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के माहौल में। हर साल तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना, वायुसेना) में से किसी एक को इस समारोह के कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी मिलती है।