नारी डेस्क: फिल्ममेकर संजय गुप्ता अब हमारे बीच नहीं रहे। 30 अक्टूबर की रात उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर 31 अक्टूबर को सामने आई, जिसके बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने उनके निधन की जानकारी देते हुए बताया कि घर में ही सिर पर चोट लगने के कारण उनकी असमय मौत हो गई। संजय गुप्ता ने अपने करियर में 'आतिश: फील द फायर', 'कांटे', 'जिंदा', 'शूटआउट एट वडाला' और 'काबिल' जैसी कई यादगार फिल्में बनाईं। पर्दे पर अपनी दमदार कहानियों से पहचान बनाने वाले संजय की निजी जिंदगी भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। आइए जानते हैं उनके परिवार, पत्नी और बच्चों के साथ उनके रिश्ते के बारे में।
कौन-कौन हैं संजय गुप्ता के परिवार में
संजय गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी अनुराधा गुप्ता, जिन्हें अनु लेखी के नाम से भी जाना जाता है, और उनके दो बच्चे शामिल हैं। संजय अपनी पत्नी और बच्चों के काफी करीब थे। वह अपने परिवार से बेहद प्यार करते थे और बच्चों के साथ उनका खास लगाव था। हालांकि, उनकी निजी जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आए, जब उन्हें और उनकी पत्नी को एक-दूसरे से अलग भी होना पड़ा।
छह साल साथ रहने के बाद पत्नी से हो गया था तलाक
संजय गुप्ता की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। उन्होंने अनुराधा से शादी की थी, लेकिन शादी के करीब छह साल बाद दोनों के रिश्ते में दूरियां आ गईं और उनका तलाक हो गया। कुछ समय तक अलग रहने के बाद भी दोनों के बीच बातचीत और जुड़ाव बना रहा। धीरे-धीरे दोनों को एहसास हुआ कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रहना चाहते। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्ते को एक और मौका दिया और दोबारा शादी कर ली।
पत्नी अनुराधा ने बताई थी अलग होने की वजह
साल 2024 में सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में अनुराधा ने अपनी शादी और तलाक को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि उनके अलग होने के पीछे किसी एक की गलती नहीं थी, बल्कि दोनों की बराबर की जिम्मेदारी थी। अनुराधा के मुताबिक, एक समय ऐसा आया जब वह इस रिश्ते से थक गई थीं और उन्होंने अलग होने का फैसला कर लिया था। उन्होंने कहा था, "हमारे अलग होने में हम दोनों का बराबर का रोल था और मुझे पता है कि मैं एक ऐसे पॉइंट पर पहुंच गई थी, जहां मैंने कह दिया था कि अब बस हो गया।"
'मैंने किसी और के बजाय संजय पर भरोसा किया'
इंटरव्यू के दौरान अनुराधा से संजय गुप्ता के कथित अफेयर्स को लेकर भी सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा था कि उन्होंने दूसरों की बातों पर भरोसा करने के बजाय अपने पति पर विश्वास किया। अनुराधा ने साफ कहा था कि उन्होंने संजय के अफेयर्स की खबरों को सच नहीं माना और हमेशा उन पर भरोसा किया। उन्होंने बताया था कि तलाक के बाद वह कुछ समय अकेले रहना चाहती थीं। हालांकि, इस दौरान भी दोनों का एक-दूसरे से संपर्क बना रहा। अनुराधा के मुताबिक, वे कभी पूरी तरह एक-दूसरे से दूर नहीं हुए थे।
हर छह महीने में साथ आने की बात करते थे संजय
अनुराधा ने इंटरव्यू में यह भी बताया था कि संजय हर कुछ समय बाद फिर से साथ रहने की बात करते थे। उन्होंने कहा था, "हर साल या हर छह महीने में वह कहते थे- चलो फिर से साथ हो जाएं।" अनुराधा ने बताया कि उनके परिवार के लोग भी संजय से काफी प्यार करते थे, इसलिए दोनों के बीच बातचीत और अपनापन हमेशा बना रहा।
'प्लेबॉय-स्टाइल' पार्टियों का भी किया था जिक्र
इसी बातचीत में अनुराधा ने संजय से तलाक के दौरान उनके बंगले पर होने वाली पार्टियों के बारे में भी बात की थी। उन्होंने इन पार्टियों को 'प्लेबॉय-स्टाइल' बताया था। अनुराधा के अनुसार, वह भी कभी-कभी इन पार्टियों में जाती थीं। वहां वह अपने दोस्तों से मिलतीं, कुछ देर रुकतीं और फिर वापस लौट आती थीं। उन्होंने बताया था कि इन पार्टियों में मौजूद ज्यादातर लोगों को वह नहीं जानती थीं। संजय गुप्ता की जिंदगी में फिल्मों के साथ-साथ परिवार की भी खास जगह थी। पत्नी के साथ रिश्ते में आए उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को दोबारा संभाला। अब उनके निधन से उनका परिवार और फिल्म इंडस्ट्री एक ऐसे शख्स को खो चुका है, जिसने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं।