07 SEPMONDAY2026 11:37:54 AM
Life Style

पुरुषों के दिमाग पर हुई नई स्टडी, इस कारण महिलाओं से ज्यादा पीते हैं  शराब

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 26 Aug, 2026 06:39 PM
पुरुषों के दिमाग पर हुई नई स्टडी, इस कारण महिलाओं से ज्यादा पीते हैं  शराब

नारी डेस्क:   एक नई स्टडी में दिमाग की एक ऐसी प्रक्रिया का पता चला है जिससे अकेलेपन या सामाजिक अलगाव के कारण पुरुषों में शराब का सेवन बढ़ सकता है, जबकि महिलाओं में यह कम हो सकता है। 'नेचर न्यूरोसाइंस' जर्नल में छपी इन जानकारियों से पता चलता है कि अकेलापन दिमाग को इस तरह से रीप्रोग्राम कर सकता है कि शराब का सेवन बढ़ जाए। इससे यह जैविक (बायोलॉजिकल) कारण समझ आता है कि अकेलापन लत का खतरा क्यों बढ़ाता है।
 

यह भी पढ़ें:  दो बच्चों के पिता के प्यार में पागल हो गई थी अरुणा ईरानी, पर खुद नहीं मिला मां बनने का सुख
 

शराब की लत है बड़ी चिंता

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन में जनरल साइकियाट्री और न्यूरोसाइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर और इस स्टडी की मुख्य लेखिका रीशा पटेल ने कहा-  "यह पहली ऐसी स्टडी है जिसमें दिमाग के एक खास सर्किट की पहचान की गई है। यह सर्किट बताता है कि कैसे सामाजिक अलगाव पुरुषों में शराब का सेवन बढ़ा सकता है। यह इस क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति है।" पटेल ने कहा- "ये नतीजे अकेलेपन से पैदा होने वाले शराब के गलत इस्तेमाल को समझने और आखिरकार उसका इलाज करने के लिए एक बहुत स्पष्ट जैविक लक्ष्य प्रदान करते हैं। यह एक ऐसी समस्या है जो तेजी से आम होती जा रही है।"


चूहों पर की गई रिसर्च

शुरुआत में वयस्क नर और मादा चूहों को सामाजिक समूहों में रखा गया था। फिर कुछ चूहों को अकेले रहने के लिए अलग-अलग पिंजरों में रखा गया ताकि वयस्कों में सामाजिक अलगाव की स्थिति बनाई जा सके, जबकि बाकी चूहे सामाजिक समूहों में ही रहे। चूहों को हर दिन एक घंटे के लिए दो बोतलों तक पहुंच दी गई एक में पानी था और दूसरी में 15 प्रतिशत अल्कोहल वाला घोल। लगभग दो हफ्तों तक उनके सेवन और पसंद पर नज़र रखी गई। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस दौरान, अकेले रखे गए नर चूहों ने धीरे-धीरे शराब का सेवन बढ़ा दिया, जबकि मादा चूहों ने इसे कम कर दिया। जब जानवर स्वतंत्र रूप से घूम रहे थे और यह चुन रहे थे कि शराब पीनी है या नहीं, तब चूहों के दिमाग की खास कोशिकाओं की गतिविधि देखी गई। इन कोशिकाओं ने दिमाग का एक ऐसा रास्ता (पाथवे) बनाया जो 'बेसोलैटरल एमिग्डाला' (जो भावनात्मक और तनाव संकेतों को प्रोसेस करता है) को 'मेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (जो निर्णय लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है) से जोड़ता है।
 

यह भी पढ़ें:  दिल्ली की महिलाओं को रक्षाबंधन का बड़ा तोहफा, एक सितंबर से खाते में आएंगे 2,500 रुपए
 

अकेलापान है शराब की बड़ी वजह 

पटेल ने कहा, "हमारा काम दिखाता है कि अकेलेपन के दौरान एक खास रास्ता बहुत ज़्यादा सक्रिय हो जाता है और सीधे तौर पर शराब पीने की आदत को बढ़ाता है। साथ ही अकेले होने पर नर और मादा अलग-अलग न्यूरल तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। इससे न्यूरोसाइकियाट्रिक विकारों में लंबे समय से देखे जा रहे लिंग-आधारित अंतर को समझने में मदद मिल सकती है।" उन्होंने आगे कहा कि हालांकि इसका पक्का कारण अभी स्पष्ट नहीं है कि अकेलेपन से नर चूहों में शराब का सेवन क्यों बढ़ा और मादा चूहों में क्यों कम हुआ, लेकिन स्टडी में देखे गए लिंग-आधारित अंतर कुछ इंसानी शोधों में बताए गए पैटर्न से मेल खाते हैं। टीम ने यह भी जांचा कि क्या दिमाग का यह रास्ता सिर्फ़ शराब पीने की आदत को दिखाता है या शराब पीने की वजह बनता है। टीम ने पाया कि जब अलग-थलग रखे गए नर चूहों में उसी सर्किट को बंद कर दिया गया, तो शराब पीने की मात्रा कम हो गई।
 

Related News