नारी डेस्क : धनतेरस का नाम सुनते ही सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदने की परंपरा याद आती है। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है। धनतेरस का दिन धन, आरोग्य और सुख-समृद्धि के लिए भी बेहद खास माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। वहीं शाम के समय दीपदान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि धनतेरस पर कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 उपायों के बारे में।
घर की साफ-सफाई और शुद्धिकरण करें
धनतेरस पर घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि स्वच्छ और व्यवस्थित घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। आप घर के मंदिर और मुख्य द्वार की सफाई करके वहां गंगाजल का छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा घर के प्रवेश द्वार को फूलों और रंगोली से सजाएं।

भगवान धन्वंतरि की पूजा करें
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उनकी कृपा से मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य बना रहता है।
इस दिन यह मंत्र अवश्य जपें – "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतर्ये अमृतकलश हस्ताय सर्वमय विनाशनाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णवे नमः" या फिर सरल रूप में जपें – “ॐ धन्वंतराये नमः”
धनतेरस पर खरीदें सेंधा नमक, झाड़ू और बर्तन
ये चीजें केवल सामान नहीं हैं, बल्कि पुरानी ऊर्जा को हटाने और नई समृद्धि लाने के प्रतीक हैं।
सेंधा नमक: नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है
झाड़ू: पुराने कर्मों और बाधाओं की धूल साफ करता है

बर्तन: जीवन में पोषण और समृद्धि भरने का प्रतीक यह अंधविश्वास नहीं, बल्कि प्राचीन ऊर्जा विज्ञान है।
सूर्यास्त के समय जलाएं 13 दीपक
धनतेरस को त्रयोदशी तिथि होने के कारण 13 दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दुर्भाग्य को दूर कर जीवन में उजाला लाता है। अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो श्रद्धा से दीप जलाना ही लक्ष्मी कृपा पाने के लिए पर्याप्त है।
यमराज को दीपदान करें
सूर्यास्त के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके चार मुख वाला दीपक (4-मुखी दिया) जलाएं। यह यमराज को समर्पित दीपदान होता है, जिसे “यमदीप दान” कहते हैं। यह उपाय अकाल मृत्यु और अचानक हानि से रक्षा करता है और पूरे वर्ष परिवार को सुरक्षा देता है।

धनतेरस का महत्व
धनतेरस केवल सोना-चांदी खरीदने का त्योहार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली की कामना करने का भी अवसर है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा, मां लक्ष्मी का स्मरण और दीपदान करने की परंपरा है। इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाकर आप त्योहार की खुशियों को और खास बना सकते हैं।