नारी डेस्क : कई बार सुबह नींद खुलते ही तकिए पर लार के निशान दिखाई देते हैं। ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कभी-कभार सोते समय मुंह से लार निकलना चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसके पीछे नाक बंद होना, एलर्जी या नींद से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में मुंह में ज्यादा लार बनना या उसे निगलने में परेशानी भी इसकी वजह हो सकती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि तकिए पर लार के निशान क्यों दिखाई देते हैं और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मुंह से सांस लेना हो सकता है कारण
सोते समय नाक बंद होने के कारण कई लोग मुंह से सांस लेने लगते हैं। सर्दी-जुकाम, एलर्जी और साइनस की समस्या इसकी वजह हो सकती है। जब नींद के दौरान मुंह खुला रहता है, तो लार बाहर निकलकर तकिए पर गिर सकती है। अगर अक्सर नाक बंद रहती है या रात में मुंह से सांस लेने की आदत है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है। समस्या लंबे समय तक बनी रहने पर डॉक्टर से सलाह लें।

मुंह में ज्यादा लार बनना
कुछ लोगों के मुंह में सामान्य से ज्यादा लार बनती है, जबकि कुछ लोगों को लार निगलने में परेशानी होती है। इन दोनों स्थितियों में सोते समय लार मुंह से बाहर निकल सकती है। मुंह और दांतों से जुड़ी समस्याएं, कुछ दवाओं का असर और निगलने में परेशानी इसके संभावित कारण हो सकते हैं। अगर दिन में भी बार-बार लार निकलती है या खाना-पानी निगलने में दिक्कत होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) का हो सकता है संकेत
अगर सुबह तकिए पर लार के निशान दिखने के साथ तेज खर्राटे आते हैं, रात में बार-बार नींद खुलती है या सुबह उठने पर थकान महसूस होती है, तो स्लीप एपनिया की संभावना पर भी ध्यान देना चाहिए। स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है या सांस का रास्ता कुछ समय के लिए अवरुद्ध हो जाता है। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, केवल तकिए पर लार के निशान देखकर स्लीप एपनिया का पता नहीं लगाया जा सकता। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सोने की पोजीशन भी हो सकती है वजह
सोने की स्थिति भी लार के बाहर निकलने को प्रभावित कर सकती है। करवट लेकर या पेट के बल सोने पर गुरुत्वाकर्षण के कारण लार मुंह से बाहर आ सकती है, खासकर जब नींद में मुंह खुला रहता है। इसलिए कभी-कभार तकिए पर लार के निशान दिखना जरूरी नहीं कि किसी बीमारी का संकेत हो। हालांकि, अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो केवल सोने की पोजीशन को इसकी वजह मानकर नजरअंदाज न करें।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
कभी-कभार सोते समय लार निकलना सामान्य हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
लगातार लार निकलना: अगर लगभग हर सुबह तकिए पर लार के निशान मिलते हैं और समस्या बढ़ रही है।
निगलने में परेशानी: अगर खाना, पानी या अपनी लार निगलने में दिक्कत होती है।
खर्राटे और थकान: अगर तेज खर्राटे आते हैं, रात में सांस रुकने जैसा महसूस होता है या दिन में बहुत नींद आती है।
बार-बार खांसी या घुटन: अगर लार निगलते समय खांसी आती है या दम घुटने जैसा महसूस होता है।
नोट : अगर अचानक चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने में परेशानी हो या शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ये स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। सुबह तकिए पर लार के निशान दिखना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन अगर समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ सांस लेने और निगलने में परेशानी जैसे लक्षण हैं, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।